सोशल संवाद/डेस्क: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज हो गई हैं, लेकिन इस बार यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को पहले से ज्यादा खर्च उठाना पड़ सकता है। केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम के लिए हेलिकॉप्टर सेवाओं के किराए में बदलाव किया गया है, साथ ही पूजा-अर्चना के शुल्क में भी बड़ा इजाफा हुआ है। हालांकि राहत की बात यह है कि आम श्रद्धालुओं के लिए सामान्य दर्शन अब भी पूरी तरह निःशुल्क रहेंगे।
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इस बार हेली सेवाओं के लिए नई टेंडर प्रक्रिया लागू की गई है, जिसके तहत कुल 8 हेलिकॉप्टर कंपनियां सेवाएं देंगी। रूट के हिसाब से गुप्तकाशी से 2, फाटा से 4 और सिरसी से 2 ऑपरेटर उड़ानें संचालित करेंगे। सभी हेलीपैड से केदारनाथ के लिए सेवाएं जारी रहेंगी, जिससे यात्रियों को विकल्प मिलेंगे, लेकिन खर्च बढ़ना तय है।
नई दरों के अनुसार गुप्तकाशी से केदारनाथ का एकतरफा किराया ₹6,077 तय किया गया है, जबकि फाटा से ₹4,840 और सिरसी से ₹3,043 किराया होगा। इन दरों में GST और बुकिंग चार्ज अलग से जोड़े जाएंगे, जिससे कुल खर्च और अधिक हो जाएगा। पिछले साल के मुकाबले सीधी तुलना भले मुश्किल हो, लेकिन फाटा रूट पर बढ़ोतरी ज्यादा महसूस की जा रही है, जबकि सिरसी से जाने वाले यात्रियों को थोड़ी राहत मिली है।
केवल यात्रा ही नहीं, बल्कि पूजा-अर्चना भी इस बार महंगी हो गई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने नई दरें लागू करते हुए केदारनाथ में दिनभर की विशेष पूजा का शुल्क ₹28,600 से बढ़ाकर ₹51,000 कर दिया है, जो करीब 78% की बढ़ोतरी है। इसके अलावा महाभिषेक, रुद्राभिषेक, लघु रुद्राभिषेक, अखंड ज्योति, शिव सहस्रनाम और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के शुल्क में भी वृद्धि की गई है।
इसी तरह बद्रीनाथ धाम में भी पूजा शुल्क बढ़ाए गए हैं। श्रीमद्भागवत कथा का शुल्क अब ₹1 लाख कर दिया गया है, जबकि महाभोग, स्वर्ण आरती, महाभिषेक, अभिषेक और अन्य सेवाओं के दाम भी बढ़े हैं। ऐसे में विशेष पूजा कराने वाले श्रद्धालुओं को पहले से अधिक बजट तैयार करना होगा।
कुल मिलाकर, अगर आप इस साल चारधाम यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो हेलिकॉप्टर किराया, GST, बुकिंग चार्ज और पूजा शुल्क को ध्यान में रखते हुए अपना बजट पहले से तय कर लें। हालांकि सबसे बड़ी राहत यही है कि बाबा केदारनाथ के सामान्य दर्शन अब भी निःशुल्क हैं, जिससे आम श्रद्धालु बिना किसी शुल्क के दर्शन कर सकेंगे।









