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मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान: आजादपुर मंडी में लगेगा सीसीटीवी, खुलेगा मिनी-अस्पताल और अटल कैंटीन

By Tamishree Mukherjee

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मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान: आजादपुर मंडी में लगेगा सीसीटीवी
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सोशल संवाद/ नई दिल्ली : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली एवं एशिया की सबसे बड़ी थोक मंडी, आजादपुर मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंडी की स्थिति का जायजा लिया और व्यापारियों, मजदूरों, और आगंतुकों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा भी की। मुख्यमंत्री ने मंडी में मूलभूत सुविधाओं की कमी, खराब स्वच्छता, अपर्याप्त सुरक्षा, और भ्रष्टाचार पर गहरी चिंता व्यक्त की।

दौरे के बाद मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली की मंडियाँ केवल व्यापार के केंद्र नहीं, बल्कि जनजीवन की धड़कन हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर मंडी को साफ, सुव्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए, ताकि किसान, व्यापारी और उपभोक्ता , सभी को एक सुरक्षित और सुगम वातावरण मिल सके। इसी क्रम में आज आजादपुर मंडी का दौरा किया गया ।

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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आजादपुर मंडी का निरीक्षण करते हुए मंडी की बदतर हालत पर गहरी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि “देश की सबसे बड़ी मंडियों में से एक आजादपुर मंडी में हजारों लोग काम करते हैं, लेकिन यहां सुरक्षा, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। ट्रकों की भारी आवाजाही, सड़ती सब्जियाँ, टूटी सड़कें और जर्जर शौचालय इस मंडी को कूड़ाघर में बदल चुके हैं।”

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि “पिछली सरकार ने मंडियों को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया। ना व्यापारियों की सुनी गई, ना मजदूरों की, और व्यवस्थाओं को जानने की कोई कोशिश नहीं की गई। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग दिल्ली को लंदन और पेरिस बनाने की बड़ी-बड़ी बातें करते थे, उन्हें यहाँ खड़े होकर इस मंडी की बदबू को महसूस करना चाहिए—यह अपने आप में एक भयानक अनुभव है। इन मंडियों को पूर्ण जीर्णोद्धार की आवश्यकता है, और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने सफाई व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं, पीने के पानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट में भारी खामियों को रेखांकित किया और इसे मौजूदा प्रबंधन की विफलता और भ्रष्टाचार से जोड़ा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में शीघ्र ही सुधारात्मक कार्रवाई की जाए ताकि व्यापारियों और जनता को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

इन समस्याओं के समाधान के लिए, मुख्यमंत्री ने आजादपुर मंडी के आधुनिकीकरण और पुनर्गठन की एक व्यापक योजना की घोषणा की। उन्होंने सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को मंडी में तत्काल प्रभाव से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए । यह कैमरे प्रवेश द्वार से शुरू होंगे, ताकि मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित हो, वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा सके, और गिनती व पंजीकरण में होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सके। इसके साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि एक सप्ताह के भीतर अतिरिक्त स्वच्छता कर्मचारियों की तैनाती कर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए। इसके अलावा, मंडी के अंदर ही एक कॉम्पैक्टर और ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा, ताकि कचरे को बाहर ले जाने की आवश्यकता न पड़े।

इसके अतिरिक्त मंडी के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए मुख्यमंत्री के द्वारा सड़कों, शेड्स, और शौचालयों का तत्काल नवीनीकरण करने के निर्देश दिए गए । साथ ही समिति को इस नवीनीकरण की देखरेख करने और सभी सुविधाओं को कार्यात्मक बनाने के भी निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने हेतु सरकार की योजना के तहत पीने के पानी के स्टेशन (प्याऊ) स्थापित किए जाएँ, ताकि गर्मी में काम करने वाले हजारों मजदूरों को राहत मिले। साथ ही, किसान भवन की मौजूदा इमारत में एक मिनी-अस्पताल स्थापित किया जाएगा, जो प्राथमिक चिकित्सा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करेगा। इसके अतिरिक्त मजदूरों के लिए सस्ता भोजन मुहैया कराने हेतु एक अटल कैंटीन की स्थापना की जाएगी, जहाँ मजदूरों को मात्र 5 रुपये में भोजन की थाली उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि मंडी की प्रबंधन व्यवस्था में पूर्ण सुधार किया जाएगा, जिसमें एक नई टीम की नियुक्ति और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कड़े कदम शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने पिछले 10 वर्षों के मंडी के बजट का ऑडिट कराने का भी निर्देश दिया, ताकि व्यय की जाँच हो और भविष्य में पारदर्शिता सुनिश्चित हो। साथ ही अधिकारियों को एक नई, आधुनिक मंडी विकसित करने की योजना बनाने के निर्देश दिए गए, जिसमें बेहतर बुनियादी ढांचा, उन्नत सुविधाएँ, सुरक्षित माहौल, और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था होगी।

मुख्यमंत्री ने मंडी की दिल्ली की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि यह मंडी दिल्ली की जीवनरेखा है। यह पूरी दिल्ली की जरूरतों को पूरा करते हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि दिल्ली की मंडियां व्यवस्थित और साफ-सुथरी हो, और इसमें भ्रष्टाचार के सभी अड्डे खत्म हो जाएँ। उन्होंने व्यापारियों और मजदूरों को आश्वासन दिया कि सरकार उनकी समस्याओं को हल करने के लिए लगातार काम करेगी, और सभी पहलों को समय पर लागू करने के लिए नियमित कार्रवाई की जाएगी।

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