सोशल संवाद / डेस्क : दिल्ली मास्टर प्लान-2047 को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना राजधानी के भविष्य के विकास का रोडमैप है। 20 अगस्त को मास्टर प्लान के अनावरण के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि दिल्ली के ग्रामीण इलाकों, अनधिकृत कॉलोनियों और नियोजित क्षेत्रों को साथ लेकर समग्र विकास पर जोर दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का भौगोलिक क्षेत्र करीब 1,484 वर्ग किलोमीटर है और सीमित जमीन के कारण राजधानी के सामने कई चुनौतियां हैं। ऐसे में मास्टर प्लान का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए शहर को भविष्य के लिए तैयार करना है। उन्होंने इसे विकसित दिल्ली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
30 मीटर चौड़ी सड़कों पर ग्राउंड फ्लोर में कारोबार की अनुमति
प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेखा गुप्ता ने एक अहम प्रावधान की जानकारी देते हुए कहा कि 30 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित इमारतों के ग्राउंड फ्लोर पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी जाएगी। इससे रिहायशी इलाकों में स्थानीय कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
40 लाख नए घर और बेहतर कनेक्टिविटी का लक्ष्य
दिल्ली मास्टर प्लान-2047 में बढ़ती आबादी की जरूरतों को देखते हुए करीब 30 से 40 लाख नए घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार के मुताबिक, 2047 तक दिल्ली की आबादी करीब 3.2 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। योजना में किफायती आवास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए मेट्रो नेटवर्क को 695 किलोमीटर तक विस्तार देने, बस सेवाओं को बढ़ाने और छह नए RRTS कॉरिडोर विकसित करने की योजना है। यमुना के बाढ़ क्षेत्र और रिज क्षेत्र जैसे पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील इलाकों के संरक्षण पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मास्टर प्लान का लक्ष्य ऐसी दिल्ली तैयार करना है, जहां विकास के साथ आवास, रोजगार, परिवहन, पर्यावरण और बेहतर जीवन सुविधाओं के बीच संतुलन कायम किया जा सके।









