सोशल संवाद/डेस्क: महाराष्ट्र में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में सुधार के लिए एक समिति गठित की है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त और वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे को समिति का सचिव बनाया गया है। पुणे में करीब 10 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन सरकार के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया।
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पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले करेंगे समिति की अगुवाई
महाराष्ट्र सरकार की ओर से गठित समिति की अध्यक्षता बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले करेंगे। समिति में तुकाराम मुंडे के अलावा IPS अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व IAS अधिकारी गणेश पाटिल और सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीडी नाइक को शामिल किया गया है।
समिति का उद्देश्य MPSC की कार्यप्रणाली में सुधार और भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच करना है। रिपोर्ट के अनुसार, समिति को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया है।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक की जांच
पुणे में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने MPSC की भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों की जांच की मांग उठाई थी। छात्रों ने आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग भी की थी।
सरकार ने समिति गठन के जरिए परीक्षा प्रणाली में सुधार और अभ्यर्थियों की शिकायतों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, आयोग के अध्यक्ष को हटाने की मांग पर अंतिम निर्णय की स्थिति स्पष्ट नहीं थी।
तीन साल में 70 हजार पदों पर भर्ती का आश्वासन
आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में अगले तीन वर्षों में 70 हजार पदों पर भर्ती करना और जनवरी में प्रस्तावित ग्रुप-C परीक्षा में रिक्तियों की संख्या बढ़ाना शामिल है। इसके अलावा आंदोलन से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग भी रखी गई।
सरकार ने इन मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद रविवार देर रात अभ्यर्थियों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।
तुकाराम मुंडे की नियुक्ति क्यों अहम?
तुकाराम मुंडे महाराष्ट्र के वरिष्ठ IAS अधिकारियों में शामिल हैं और वर्तमान में FDA आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। MPSC सुधार समिति में उनकी नियुक्ति को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब समिति की जांच और सिफारिशों पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी।











