सोशल संवाद/डेस्क: Tatanagar Railway Station के मेन इंट्री की पार्किंग का टेंडर लेने वाली कंपनी इन ऑन कंस्ट्रक्शन ने पार्किंग छोड़ दी है. कंपनी ने पैसा जमा करना बंद कर दिया है. इसके बाद रेलवे ने 60 दिनों के लिए अस्थायी तौर पर नये सिरे से टेंडर निकाला है. बताया जाता है कि लगभग 7 करोड़ रुपये में तीन साल के लिए बोली लगाकर यह टेंडर लिया गया था.
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इससे पहले यह पार्किंग शैल इंजीनियरिंग द्वारा 4 करोड़ रुपये में संचालित की जाती थी. लेकिन बाद में उससे ऊंची कीमत लगाकर ठेकेदार ने यह टेंडर लिया था. जब से टेंडर लिया, तब से यह कंपनी विवादों में रही. रातोंरात पार्किंग का रेट बढ़ा दिया गया और कई सारे बदलाव लागू कर दिये गये. इसके बाद नवंबर के अंत में ही कंपनी के पदाधिकारी ने हाथ खड़े कर दिये और हर माह का जमा होने वाला पैसा जमा नहीं किये.
हर दिन हो रहा था आठ हजार रुपये का घाटा
बताया जाता है कि मेन इंट्री के नये पार्किंग ठेकेदार को 1.97 करोड़ रुपये सालाना प्लस 18 फीसदी जीएसटी के साथ रेलवे को भुगतान करना पड़ता था, जो बड़ा बोझ था. इसके लिए रोजाना 70 हजार रुपये की वसूली करनी होती. सूत्रों के मुताबिक ठेकेदार को हर दिन 8 हजार रुपये का घाटा हो रहा था, जिसके बाद अंततः कंपनी ने हाथ खड़े कर दिये.
फिलहाल पुराना ठेकेदार ही वसूल रहा पार्किंग शुल्क
इस टेंडर के लिए इच्छुक व्यक्ति को 15 दिसंबर तक आवेदन सुबह 10 बजे तक जमा करना है. यह 60 दिनों की अवधि के लिए दोपहिया और तीन पहिया वाहनों से पैसे की वसूली के लिए निकाला गया है. अभी अस्थायी तौर पर पुराने ही ठेकेदार से पार्किंग की राशि वसूली जा रही है. बर्मामाइंस ओर की पार्किंग तो सामान्य तौर पर अभी चल रही है. लेकिन बर्मामाइंस तरफ के सेकेंड इंट्री प्वाइंट में एक टैक्सी स्टैंड के भी पार्किंग को ठेकेदार ने छोड़ दिया है. लिहाजा, अब नये सिरे से उसका भी टेंडर निकाला जायेगा.
बागबेड़ा भिखारी मैदान में बनेगा रेलवे संस्थान
टाटानगर के रेलकर्मियों का दशकों पुराना रेलवे संस्थान स्टेशन पुनर्विकास योजना से टूटेगा. इससे नया रेलवे संस्थान (सामुदायिक भवन व लाइब्रेरी) बनाने की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि रेलकर्मी सामाजिक, सांस्कृतिक एवं अन्य तरह के समारोह का आयोजन कर सकें. अभी बागबेड़ा ट्रैफिक कॉलोनी में भिखारी मैदान के पास रेलवे संस्थान के लिए जगह चिह्नित हुई है. चक्रधरपुर मंडल की स्थायी वार्ता में रेलवे संस्थान का मुद्दा उठा था, क्योंकि संस्थान जर्जर हो गया
Railway की जमीन का नये सिरे से होगा म्यूटेशन टाटा समेत आसपास होगा नया डेवलपमेंट
Railway अपनी जमीन का म्यूटेशन नये सिरे से करेगी. इसको लेकर सारे दस्तावेज को रेलवे अपडेट करायेगी. इसको लेकर टाटानगर रेलवे स्टेशन के आसपास स्थित रेलवे की भूमि का काम पूरा किया जाना है. इसके लिए एक कंसल्टेंट को भी बहाल किया जा रहा है. इसका प्रस्ताव कंसल्टेंसी करने वालों से रेलवे ने मागा है. इसके अलावा कई डेवलपमेंट के भी काम होंगे.
इसका अलग अलग टेंडर निकाल दिया गया है. आसनबनी से गोविंदपुर स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक के नीचे पानी के लिए स्वर्णरेखा कैनाल क्रासिंग के लिए आरसीसी बॉक्स लगाया जायेगा. वहीं, टाटानगर रेलवे स्टेशन में वाइफाइ, सीसीटीवी कैमरा, वीडियो कांफ्रेंस, पीए सिस्टम, एमडीडीटीआइ का संचालन रेल नेट कनेक्शन के जरिये होगा.
रेलवे संस्थान के जगह को मंजूरी मिलने पर डीपीआर बनेगी, ताकि वातानुकूलित रेलवे संस्थान का काम शुरू हो सके. रेलवे संस्थान बनने पर लाइब्रेरी भी बनेगी, जो पुराने संस्थान में पहले भी थी. टाटानगर में रेलकर्मियों एवं उनके बच्चों की सुविधा में कई योजनाओं पर सहमति बनी है. इससे ट्रैफिक कॉलोनी में चिल्ड्रन पार्क, वॉकिंग ट्रैक, ओपन जिम और क्रिकेट स्टेडियम बनाने की तैयारी है. यूनियन पदाधिकारियों ने इसको लेकर दौरा किया है.










