सोशल संवाद / नई दिल्ली: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’ को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि योजना के नाम पर लाखों महिलाओं को लाभ से वंचित कर दिया गया है और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि “भगवान को धोखा देने वाले, माताओं-बहनों को कैसे छोड़ देंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि महायुति सरकार ने योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ देने का वादा किया था, लेकिन बाद में विभिन्न कारणों का हवाला देकर उनके नाम सूची से हटा दिए गए।
62 लाख महिलाओं को योजना से बाहर करने का आरोप
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि e-KYC पूरी नहीं होने का कारण बताते हुए करीब 62 लाख महिलाओं को योजना के लाभ से बाहर कर दिया गया। उनके अनुसार, यह फैसला लाखों लाभार्थियों के लिए निराशाजनक है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से पहले सरकार ने ‘लाडकी बहिन योजना’ शुरू की थी, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही थी। साथ ही चुनाव के बाद इस राशि को बढ़ाकर 2,100 रुपये प्रति माह करने का वादा भी किया गया था।
चुनाव के बाद वादा पूरा नहीं करने का आरोप
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि चुनाव समाप्त होने के बाद सरकार ने अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए बड़ी संख्या में महिलाओं को योजना से बाहर करना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि यह कदम चुनावी वादों के विपरीत है और महिलाओं के साथ अन्याय है।
कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया मुद्दा
कांग्रेस नेता ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तार से पार्टी का पक्ष रखा।
कांग्रेस ने राज्य सरकार से योजना के लाभ से वंचित महिलाओं को दोबारा शामिल करने और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की मांग की है।
(नोट: यह खबर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश द्वारा जारी बयान और प्रेस वार्ता में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों पर महाराष्ट्र सरकार का पक्ष इस समाचार में शामिल नहीं है।)










