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कांग्रेस बोली- नटराजन का नामांकन खारिज करना लोकतंत्र पर काला धब्बा, भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर की धांधली

By Riya Kumari

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कांग्रेस बोली- नटराजन का नामांकन खारिज करना लोकतंत्र पर काला धब्बा, भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर की धांधली

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सोशल संवाद / नई दिल्ली : कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से पार्टी की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करने को लोकतंत्र पर काला धब्बा बताते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलकर राज्यसभा चुनाव में धांधली की है।

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नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय में मीनाक्षी नटराजन के साथ पत्रकार वार्ता करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नामांकन रद्द किए जाने को देश की आजादी के बाद की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं में से एक बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग ही लोकतंत्र का गला घोंट रहा है। साथ ही इस मुद्दे पर राष्ट्रपति से मिलने दिल्ली आए पार्टी के 61 विधायकों को समय नहीं दिए जाने पर भी दुख व्यक्त किया।

मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन पत्र के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उसमें कोई चूक नहीं थी। उन्होंने कहा कि निजी शिकायत की जानकारी देने के लिए फॉर्म 26 में कोई कॉलम ही नहीं था। अगर ऐसा कॉलम होता, तो वह यह सूचना जरूर देतीं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि न फॉर्म में कोई कमी थी और न ही मांगी गई कोई जानकारी छिपाई गई। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ न तो कोई लंबित आपराधिक मामला है और न ही कोई ऐसा मामला जिसमें उन्हें किसी दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया गया हो। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक कानूनी नोटिस है, जिस पर अदालत ने संज्ञान तक नहीं लिया है।

हरीश चौधरी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब यह संस्था एकपक्षीय हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया से भारत के मुख्य न्यायाधीश को हटाकर एक कैबिनेट मंत्री को शामिल कर लिया है। अब सरकार जिसे चाह रही है, उसे नियुक्त कर रही है। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन ने सभी नियमों का पालन करते हुए नामांकन भरा था, लेकिन फिर भी उसे रद्द कर दिया गया। वहीं झारखंड में भाजपा समर्थित उम्मीदवार के नामांकन पत्र में कई बड़ी गलतियां थीं, लेकिन उन्हें सुधारने का मौका दिया गया।

हरीश चौधरी ने ‘मोदी है तो मुमकिन है’ नारे पर निशाना साधते हुए कहा कि इसकी कीमत आज देश का हर वर्ग चुका रहा है। नीट पेपर लीक और सीबीएसई की गड़बड़ियों से छात्र परेशान हैं, पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह हो गई है, किसानों को फसल के सही दाम नहीं मिल रहे हैं और वे खाद की किल्लत का भी सामना कर रहे हैं, गलत विदेश नीति के कारण देश तेल व ईंधन के संकट से जूझ रहा है।

जीतू पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को 58 विधायकों की जरूरत थी और उसके पास इससे ज्यादा विधायक हैं। कई निर्दलीय विधायक भी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि इसी एकजुटता से भयभीत होकर भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज करवाने का अपराध किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस चुनाव के निर्वाचन अधिकारी आरएसएस की पृष्ठभूमि से आते हैं और उनकी भूमिका पहले भी संदिग्ध रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता नटराजन की उम्मीदवारी निरस्त किए जाने के विरोध में भोपाल स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे रहे और वहीं सोए तो भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया। केसी वेणुगोपाल के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल आवेदन लेकर दिल्ली स्थित केंद्रीय चुनाव आयोग कार्यालय भी गया, लेकिन उस आवेदन पर भी संज्ञान नहीं लिया गया।

वहीं उमंग सिंघार ने बताया कि जब निर्वाचन अधिकारी से इस गलत फैसले के बारे में पूछा गया, तो उसने सरकार के दबाव में गलती करने की बात स्वीकार की। सिंघार ने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करते हुए कहा कि उसे कांग्रेस की याचिका नहीं मिली, जबकि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल दो दिन पहले उनसे मिल चुका था। उन्होंने तंज कसा कि भाजपा पहले वोट चोरी करती थी, अब सीधे सीट चोरी करने लगी है। उन्होंने कहा कि यह घटना चुनावी निरंकुशता की ओर बढ़ते कदम की शुरुआत है।

नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होना गैरकानूनी और लोकतंत्र के खिलाफ- खरगे

वहीं बंगलुरू (कर्नाटक) में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होना गैरकानूनी और लोकतंत्र के खिलाफ है। ऐसा होना नरेंद्र मोदी के इशारे के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी कांग्रेस और लोकतंत्र को खत्म करने के लिए ऐसी साजिशें करवा रहे हैं।

मोदी सरकार आरएसएस के एजेंटों को बड़े पदों पर बैठाकर मनमानी करवा रही है। ऐसा ही कुछ झारखंड में भी किया गया। भाजपा समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी को पूरा समय देकर फॉर्म की गलतियां सही करवाई गईं, लेकिन कांग्रेस के उम्मीदवार के नामांकन को तुरंत निरस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष काम नहीं कर रहा है।

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