सोशल संवाद / नई दिल्ली : कांग्रेस ने दिल्ली में अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियों के साथ हुई नस्लीय दुर्व्यवहार की घटना की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए पार्टी सांसद बिमोल अकोइजम और एस सुपोंगमेरेन जमीर ने पूर्वोत्तर भारत के लोगों के खिलाफ लगातार हो रही नस्लीय घटनाओं का जिक्र करते हुए मांग की कि इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
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सांसद बिमोल अकोइजम ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में किराए के मकान में रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की तीन युवतियों ने अपने घर में एसी की मरम्मत करवाई। इस दौरान कुछ धूल और मलबा नीचे की मंजिल में रहने वालों के घर में गिर गया, जिससे विवाद शुरू हो गया। उन्होंने आगे बताया कि पड़ोसियों ने युवतियों को नस्लीय आधार पर अपशब्द कहे, उनकी गरिमा पर सवाल उठाए और अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
बिमोल अकोइजम ने कहा कि यह घटना पूर्वोत्तर से आने वाले युवाओं के साथ होने वाले भेदभाव और हिंसा की लंबी श्रृंखला का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत पूर्वाग्रह नहीं, बल्कि एक संरचनात्मक समस्या है। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र को स्कूल की किताबों में पर्याप्त स्थान नहीं मिलता, जिससे पीढ़ियां उस क्षेत्र के बारे में अनजान रहती हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरे समुदाय को अपमानित करने की कोशिश की जाती है, विशेष तौर पर पूर्वोत्तर की महिलाओं को निशाना बनाया जाता है। इसे नस्लवाद बताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी स्पष्ट रूप से कड़ी निंदा की जानी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि महात्मा गांधी को भी दक्षिण अफ़्रीका में रेल यात्रा के दौरान नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा था और कहा कि भारत जैसे देश को नस्लवाद के प्रति अधिक संवेदनशील होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 15 में जिन आधारों पर भेदभाव को अंसवैधानिक ठहराया गया है, उनमें नस्ल भी शामिल है, इसके बावजूद पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ नस्लीय घटनाएं सामने आती रहती हैं।










