सोशल संवाद/डेस्क: जमशेदपुर प्रखंड के तीन नगर निकायों में शहर की सरकार’ के चुनाव का परिणाम शुक्रवार को घोषित किया जाएगा। प्रशासन ने मतगणना को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जमशेदपुर प्रखंड परिसर में होने वाली इस मतगणना में मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और चाकुलिया नगर पंचायत के भाग्य का फैसला होगा। इस चुनावी समर में मेयर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद पद के लिए कुल 550 से अधिक प्रत्याशी मैदान में हैं। निष्पक्ष मतगणना के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा घेरे के बीच त्रिस्तरीय व्यवस्था की है।

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मानगो में 48 टेवल पर चार राउंड में होगी गिनती मानगो नगर निगम में मतदाताओं की संख्या और मतदान केंद्रों की अधिकता को देखते हुए यहां सबसे व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मानगो के कुल 190 मतदान केंद्रों के मतों की गणना के लिए 48 टेबल लगाए गए हैं। प्रत्येक टेबल पर तीन मतगणना कर्मी तैनात रहेंगे, जिनमें एक पर्यवेक्षक और दो सहायक शामिल हैं। इस प्रकार केवल मानगो की मतगणना के लिए कुल 144 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। यहां मतों की गिनती कुल चार राउंड में पूरी होगी। मानगो में मेयर पद के लिए 13 और 36 वाडों के लिए 259 पार्षद प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
जुगसलाई में 42 कर्मी तीन राउंड में निकालेंगे परिणाम नगर परिषद
जुगसलाई की मतगणना के लिए भी प्रशासन ने मुकम्मल व्यवस्था की है। यहां के 41 मतदान केंद्रों की गिनती के लिए कुल 14 टेबल लगाए गए हैं। नियम के अनुसार हर टेबल पर तीन कर्मियों की तैनाती के हिसाब से कुल 42 मतगणना कर्मी मतगणना प्रक्रिया को संपन्न कराएंगे। जुगसलाई में कुल तीन राउंड में गिनती पूरी कर ली जाएगी।
चुनावी आंकड़ों की बात करें तो जुगसलाई में अध्यक्ष पद के लिए 10 और 22 वार्डों के लिए 93 प्रत्याशी चुनाव मैदान में डटे हैं, जिनकी धड़कनें कल सुबह से तेज रहेंगी। सरायकेला में होगा आदित्यपुर और कपाली का फैसला जमशेदपुर से सटे आदित्यपुर नगर निगम और कपाली नगर परिषद की मतगणना सरायकेला मुख्यालय में आयोजित की जाएगी।
जमशेदपुर कपाली नगर परिषद के रणक्षेत्र में मतों की तलवारें तो ईवीएम के म्यान में कैद हो चुकी हैं, लेकिन जीत-हार की जुबानी जंग का धुआं अब भी चाय की दुकानों से उठ रहा है। मतदान खत्म होने के अगले दिन मंगलवार को कपाली की फिजाओं में गजब की गर्माहट रही। यहां चाय की केतली जितनी बार खौल रही है, उतनी ही बार जीत-हार के समीकरणों की चाशनी गाढ़ी हो रही है।
गली मोहल्लों से लेकर नुक्कड़ों तक, हर शख्स अब चुनाव आयोग से बड़ा भविष्यवक्ता बना बैठा है। कपाली के चौक-चौराहों पर आज अखबारों से ज्यादा चर्चा बूथवार वोटिंग के आंकड़ों की रही। ताजदार आलम के समर्थक जहां अपनी जीत का हलवा बांटने को आतुर दिखे, वहीं मोहम्मद सरफराज आलम उर्फ राजा के मुरीद उन्हें कपाली का असली सुल्तान घोषित कर चुके हैं










