सोशल संवाद / डेस्क : अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गया है, लेकिन ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने चेतावनी दी है कि आने वाले हफ्तों में तेल की कीमतें फिर से 90 डॉलर प्रति बैरल या उससे ऊपर पहुंच सकती हैं।
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शांति समझौते के बाद क्यों गिरा कच्चा तेल?
अमेरिका-ईरान समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा खुलने की संभावना से वैश्विक बाजारों को राहत मिली है। इसी वजह से ब्रेंट क्रूड में एक दिन में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई और कीमतें तीन महीने के निचले स्तर पर पहुंच गईं।
फिर 90 डॉलर तक क्यों पहुंच सकता है तेल?
Emkay Global का मानना है कि भले ही युद्ध का खतरा फिलहाल कम हुआ हो, लेकिन तेल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। होर्मुज मार्ग से सप्लाई को पूर्व स्तर पर लौटने में कई सप्ताह या महीनों का समय लग सकता है। यदि चीन समेत प्रमुख देशों की मांग तेजी से लौटती है, तो कच्चे तेल की कीमतों में फिर उछाल आ सकता है।
ब्रोकरेज ने कहा है कि भौतिक बाजार (Physical Market) में असंतुलन बना हुआ है और यही कारण है कि आने वाले समय में ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल की ओर बढ़ सकता है।
FY27 के लिए क्या है अनुमान?
Emkay Global ने अपने अनुमान में वित्त वर्ष 2027 के लिए ब्रेंट क्रूड का औसत मूल्य 90 डॉलर प्रति बैरल बरकरार रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, FY27 की पहली छमाही में औसत कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रह सकती है, जबकि दूसरी छमाही में यह घटकर 85 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती है।
हालांकि ब्रोकरेज का यह भी मानना है कि 2027 के अंत तक तेल की कीमतों में स्थायी नरमी देखने को मिल सकती है और यह 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक भी आ सकता है।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में गिरावट से पेट्रोल, डीजल और LPG की लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। साथ ही आयात बिल कम होने से रुपये और अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिल सकता है।
अमेरिका-ईरान समझौते के बाद फिलहाल तेल बाजार में राहत का माहौल है और कीमतें नीचे आई हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बहाल होने में समय लगेगा। ऐसे में निकट भविष्य में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है और ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू सकता है।









