सोशल संवाद / डेस्क : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आठवां दिन भारत के लिए कई यादगार पल लेकर आया। भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की झोली में कई पदक डाले। दिन की सबसे बड़ी उपलब्धि जुडो में भारत का पहला स्वर्ण पदक रही, जबकि स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता। वहीं, तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज जीतकर भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।

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भारतीय दल के प्रदर्शन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि देश के खिलाड़ी अब हर खेल में मजबूती से अपनी पहचान बना रहे हैं।
जुडो में पहली बार गूंजा भारत का राष्ट्रगान
आठवें दिन की सबसे बड़ी खबर जुडो से आई। भारत की युवा खिलाड़ी अस्मिता डे ने शानदार खेल दिखाते हुए महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जुडो में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।अस्मिता का यह सफर आसान नहीं रहा। व्यक्तिगत कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आखिरकार देश के लिए ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उनकी सफलता पर पूरे भारतीय दल ने खुशी जताई।
नीरज चोपड़ा का सिल्वर भी रहा खास
ओलंपिक और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा इस बार गोल्ड से जरूर चूक गए, लेकिन उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपनी पूरी ताकत झोंकी और देश को एक और पदक दिलाया।हालांकि फैंस को उनसे गोल्ड की उम्मीद थी, लेकिन नीरज का सिल्वर भी भारत के लिए बेहद अहम साबित हुआ। प्रतियोगिता के बाद उन्होंने कहा कि वह अपने प्रदर्शन में और सुधार करने पर ध्यान देंगे।
तेजस्विन शंकर ने रचा नया इतिहास
भारतीय एथलीट तेजस्विन शंकर ने डेकाथलॉन में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।तेजस्विन ने 10 अलग-अलग स्पर्धाओं में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि वह चोट से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए पोडियम पर जगह बनाई।
एथलेटिक्स में लगातार बढ़ रही भारत की ताकत
इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन किया है। जैवलिन, डेकाथलॉन, लंबी कूद और अन्य स्पर्धाओं में लगातार अच्छे नतीजे भारत की बढ़ती ताकत को दिखा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स और मजबूत होकर उभरेगा।
पदक तालिका में मजबूत हुई भारत की स्थिति
आठवें दिन मिले गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के बाद भारत की पदक तालिका में स्थिति और मजबूत हुई है। भारतीय खिलाड़ी अब बाकी बची स्पर्धाओं में भी पदक जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगे।खासकर बॉक्सिंग, बैडमिंटन, कुश्ती और एथलेटिक्स की कुछ स्पर्धाओं में भारत से अभी भी पदकों की उम्मीद की जा रही है।
देशभर से मिल रहीं बधाइयां
भारत के शानदार प्रदर्शन के बाद खिलाड़ियों को खेल प्रेमियों, पूर्व खिलाड़ियों और कई नेताओं ने बधाई दी। सोशल मीडिया पर भी अस्मिता डे, नीरज चोपड़ा और तेजस्विन शंकर लगातार ट्रेंड करते रहे।अब सभी की नजर कॉमनवेल्थ गेम्स के अगले मुकाबलों पर है, जहां भारतीय खिलाड़ी अपने पदकों की संख्या बढ़ाने की कोशिश करेंगे। अगर खिलाड़ियों का यही प्रदर्शन जारी रहा तो भारत इस बार भी पदक तालिका में मजबूत स्थान हासिल कर सकता है।









