सोशल संवाद/डेस्क : रांची से एक अहम प्रशासनिक अपडेट सामने आया है, जहां झारखंड विधानसभा की विभिन्न समितियों का पुनर्गठन कर दिया गया है। इस बदलाव के तहत कई विधायकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे विधानसभा की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

ये भी पढे : जन विश्वास विधेयक 2026 पर संसद में घमासान: सांसद राजकुमार रोत ने उठाए गरीबों के हक के सवाल
इस पुनर्गठन में खरसावां से विधायक दशरथ गागराई को आवास समिति का नया सभापति नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में अब यह समिति विधायकों को मिलने वाली आवास सुविधाओं, उनके रखरखाव और उससे जुड़ी समस्याओं पर नजर रखेगी।
आवास समिति का कार्य सिर्फ घर आवंटन तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी होता है कि सभी विधायकों को उचित और समय पर सुविधाएं मिलें। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति में समाधान निकालना भी समिति की जिम्मेदारी होती है।
नई समिति का कार्यकाल एक वर्ष के लिए तय किया गया है। इस अवधि के दौरान समिति अपने कार्यों की समीक्षा करेगी और समय-समय पर अपनी रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपेगी। इससे न सिर्फ कार्यों की निगरानी बेहतर होगी, बल्कि निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बनी रहेगी।
इस समिति में भूषण बाड़ा, समीर कुमार मोहंती और प्रदीप प्रसाद को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। ये सभी सदस्य मिलकर आवास व्यवस्था से जुड़े मामलों पर सुझाव देंगे और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि विधानसभा समितियों का यह पुनर्गठन प्रशासनिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल कामकाज की गति तेज होगी, बल्कि विधायकों की जवाबदेही भी तय होगी।
Dashrath Gagrai के नेतृत्व में बनी यह नई टीम अब इस चुनौती के साथ काम करेगी कि आवास व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और विवादमुक्त बनाया जा सके। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि समिति अपने कार्यों को किस तरह लागू करती है और इससे विधायकों को कितनी सहूलियत मिलती है।
कुल मिलाकर, यह पुनर्गठन झारखंड विधानसभा के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जिससे व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होने की उम्मीद है।









