सोशल संवाद / डेस्क : टाटानगर और आसनबनी के बीच स्थित व्यस्त रेलवे फाटकों पर अब रोड ओवर ब्रिज (ROB) का निर्माण पूरी तरह रेलवे द्वारा कराया जाएगा। इस संबंध में जानकारी सांसद बिद्युत बरण महतो ने दी।
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रेल मंत्री से मुलाकात के बाद तेज हुई प्रक्रिया
बजट सत्र के दौरान सांसद ने Ashwini Vaishnaw से मुलाकात कर बारीगोड़ा और गोविंदपुर में प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्माण में हो रही देरी और लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर चिंता जताई थी। इसके बाद रेल मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
निर्देश के तहत दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक Anil Kumar Mishra से वार्ता कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
पहले 50:50 मॉडल, अब 100% रेलवे खर्च
गोविंदपुर (समपार संख्या 137) और बारीगोड़ा (समपार संख्या 138) पर पहले 50:50 लागत साझेदारी के आधार पर द्वि-एजेंसी मॉडल से ROB निर्माण को स्वीकृति मिली थी। ये दोनों फाटक South Eastern Railway के ‘A’ मार्ग के अत्यंत व्यस्त त्रि-लाइन खंड में स्थित हैं, जहां ट्रेनों की अधिक आवृत्ति और भारी सड़क यातायात के कारण अक्सर जाम और रेल परिचालन में देरी की स्थिति बनती है।
वर्तमान हालात को देखते हुए अब निर्णय लिया गया है कि दोनों ROB का निर्माण 100 प्रतिशत रेलवे व्यय से और एकल एजेंसी के रूप में रेलवे द्वारा ही किया जाएगा। इस संबंध में आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
राज्य सरकार की उदासीनता का आरोप
सांसद ने बताया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए राज्य सरकार से कई बार आग्रह किया गया, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। अंततः रेलवे प्रशासन ने स्वयं आगे बढ़कर परियोजना को अपने खर्च पर पूरा करने का निर्णय लिया।
मकदूमपुर गेट पर भी प्रस्ताव विचाराधीन
इसके अलावा मकदूमपुर रेलवे गेट के पास प्रस्तावित एक अन्य ROB का प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इन ओवरब्रिज के निर्माण से जाम, दुर्घटनाओं और ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी।










