सोशल संवाद /डेस्क : नई दिल्ली से सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज के नेतृत्व में दिल्ली भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज नई दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त से मुलाकात कर 31 जुलाई 2026 को संसद परिसर में हुई घटना के संबंध में विस्तृत शिकायत सौंपी। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में तत्काल एफ.आई.आर. दर्ज कर निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में विधायक अनिल शर्मा, विधायक करनैल सिंह तथा अधिवक्ता संकेत गुप्ता भी शामिल थे।
शिकायत में सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव), लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद अवधेश प्रसाद तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत विधिसम्मत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।
शिकायत के अनुसार संसद परिसर के मकर द्वार के निकट आयोजित प्रदर्शन के दौरान हिंदू धर्म, भगवान श्रीराम एवं उनसे जुड़े धार्मिक प्रतीकों का राजनीतिक प्रदर्शन और उपहास के लिए उपयोग किया गया, जिससे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को प्राप्त है, लेकिन किसी भी धर्म की आस्था और पूजनीय प्रतीकों का अपमान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दायरे में नहीं आता।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूरी घटना विभिन्न समाचार माध्यमों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वीडियो में रिकॉर्ड है। घटना से संबंधित वीडियो संदर्भ भी पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि शिकायत सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ऑडियो-वीडियो साक्ष्यों पर आधारित है, इसलिए पुलिस के पास प्राथमिकी दर्ज कर जांच प्रारंभ करने के पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
शिकायत में यह भी मांग की गई है कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, मीडिया कवरेज तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों को तत्काल सुरक्षित रखा जाए, ताकि जांच के दौरान किसी प्रकार के प्रमाण नष्ट न हो सकें। साथ ही दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। किसी भी धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ सामाजिक सौहार्द और सद्भाव को प्रभावित करता है। इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध शीघ्र कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस अवसर पर सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज ने कहा कि संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के नाम पर हिंदू आस्था, सनातन संस्कृति, संत समाज और भारतीय परंपराओं का उपहास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम की संरचना सांसद पप्पू यादव, सांसद अवधेश प्रसाद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में की गई।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र प्रत्येक नागरिक को विरोध प्रदर्शन का अधिकार देता है, लेकिन किसी भी वर्ग की धार्मिक आस्था का उपहास करने की अनुमति नहीं देता। विपक्ष ने मिलकर सनातन संस्कृति का मजाक उड़ाने का प्रयास किया है, जिसे भारतीय जनता पार्टी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं करेगी।









