सोशल संवाद / डेस्क : नई दिल्ली में वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने इसे “विकसित दिल्ली” बनाने का मजबूत रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकास और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम है।
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‘अराजकता से व्यवस्था की राजनीति’ का दावा
आशीष सूद ने कहा कि सरकार ने अराजकता की राजनीति छोड़कर व्यवस्था और विकास की राजनीति अपनाई है, जिससे दिल्ली में सकारात्मक माहौल बना है।
उन्होंने विपक्ष की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वे जनता के मुद्दों से दूर हो रहे हैं।
कैपिटल स्पेंडिंग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
सरकार ने इस बार कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) में बड़ी बढ़ोतरी की है:
- 2023-24: ₹21,000 करोड़
- 2026-27: ₹32,000 करोड़+
इससे इंफ्रास्ट्रक्चर, स्कूल, अस्पताल और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
टैक्स कलेक्शन और कर्ज में सुधार
मंत्री ने बताया कि:
- टैक्स राजस्व लगातार बढ़ रहा है
- दिल्ली का कर्ज ₹40,323 करोड़ से घटकर ₹23,557 करोड़ हुआ
- महंगाई दर घटकर 1.13% तक आ गई
इसे मजबूत वित्तीय प्रबंधन का परिणाम बताया गया।
शिक्षा और महिलाओं पर खास फोकस
बजट में शिक्षा के लिए ₹19,148 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- 1.3 लाख छात्राओं को साइकिल
- स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी
- AI आधारित शिक्षा सिस्टम
महिलाओं के लिए कई योजनाएं जैसे मुफ्त बस यात्रा और सशक्तिकरण कार्यक्रम भी शामिल हैं।
गरीबों और मजदूरों के लिए योजनाएं
सरकार ने ‘अटल कैंटीन’ योजना के तहत 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया है।
अब तक 28 लाख से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल चुका है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर में सुधार
- बिजली और ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
- सड़कों और शहरी विकास पर फोकस
- झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए ₹800 करोड़
आशीष सूद ने कहा कि यह बजट “विकास, विश्वास और प्रतिबद्धता” का प्रतीक है।
रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह बजट दिल्ली को आत्मनिर्भर और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।









