सोशल संवाद / डेस्क : दिल्ली विधानसभा में दिल्ली लक्ष्मी योजना पर चर्चा के दौरान कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने आम आदमी पार्टी के वॉकआउट को महिलाओं का अपमान बताते हुए कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि महिलाओं के अधिकारों पर चर्चा से कौन भागा।
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उन्होंने कहा कि सुशासन विज्ञापनों या डिग्रियों से नहीं, बल्कि विकास और वित्तीय अनुशासन से स्थापित होता है। श्री सूद ने बताया कि दिल्ली सरकार ने ₹1,03,000 करोड़ के बजट में 30% पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया है, जबकि पंजाब में यह केवल 7.1% है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली ने 8,748 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली मांग बिना कटौती के पूरी की है। शिक्षा क्षेत्र में निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण और ईडब्ल्यूएस प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।
श्री सूद ने बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 28 अगस्त से पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में दी जाएगी। योजना के पहले वर्ष के लिए ₹5,100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।









