---Advertisement---

31 दिसंबर को डिलीवरी वर्कर्स की राष्ट्रव्यापी हड़ताल, New Year पर फूड-ग्रॉसरी डिलीवरी प्रभावित

By Tamishree Mukherjee

Published :

Follow
Delivery Strike New Year Eve 2026

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद / डेस्क : दुनियाभर में लोग नए साल के जश्न की तैयारियों में जुटे हैं। पार्टियों, खान-पान और सेलिब्रेशन के बीच भारत में फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स ऐप्स पर निर्भरता तेजी से बढ़ गई है। लेकिन ऑनलाइन ऑर्डर करने वालों के लिए 31 दिसंबर को बड़ी परेशानी खड़ी हो सकती है।

यह भी पढ़े : तीखा-मसालेदार खाना बढ़ा सकता है गंभीर बीमारियों का खतरा, डॉक्टरों की चेतावनी

देशभर के डिलीवरी वर्कर्स ने 31 दिसंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है, जिसे साल के सबसे व्यस्त डिलीवरी दिनों में से एक माना जाता है। ऐसे में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

कौन कर रहा है हड़ताल का नेतृत्व?

यह हड़ताल तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के नेतृत्व में हो रही है। इसके अलावा महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के कई क्षेत्रीय यूनियन भी इस आंदोलन में शामिल हैं।

यूनियन नेताओं का दावा है कि एक लाख से अधिक डिलीवरी वर्कर्स इस दिन ऐप्स से लॉग-आउट रहेंगे या सीमित समय तक ही काम करेंगे।

किन शहरों में ज्यादा असर पड़ सकता है?

हड़ताल का असर कई बड़े और मझोले शहरों में दिख सकता है, जिनमें शामिल हैं:

  • दिल्ली-एनसीआर
  • बेंगलुरु
  • हैदराबाद
  • पुणे
  • कोलकाता
  • छत्रपति संभाजीनगर
  • टियर-2 शहरों के कई इलाके

यूनियन का कहना है कि नए साल की पूर्व संध्या पर यह कदम उठाने से कंपनियों पर अधिक दबाव बनेगा।

डिलीवरी वर्कर्स क्यों हैं नाराज़?

डिलीवरी वर्कर्स की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • ऐप आधारित एल्गोरिदम में पारदर्शिता
  • 10-मिनट अल्ट्रा फास्ट डिलीवरी मॉडल का दबाव कम किया जाए
  • सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित किया जाए
  • अचानक आईडी ब्लॉक किए जाने की समस्या पर रोक
  • कम होती आय और कमजोर शिकायत निवारण प्रणाली में सुधार

वर्कर्स का कहना है कि अनरियलिस्टिक डिलीवरी टारगेट सड़क हादसों के जोखिम को बढ़ा रहे हैं।

सामाजिक सुरक्षा की भी मांग

यूनियन नेताओं ने गिग वर्कर्स के लिए:

  • दुर्घटना बीमा
  • स्वास्थ्य कवर
  • पेंशन जैसी बुनियादी सामाजिक सुरक्षा

की मांग भी दोहराई है। फिलहाल, प्लेटफॉर्म कंपनियों की ओर से हड़ताल पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

नए साल पर क्या करें ग्राहक?

31 दिसंबर को:

  • फूड और ग्रॉसरी पहले से ऑर्डर कर लें
  • घर पर जरूरी सामान का स्टॉक रखें
  • डिलीवरी में देरी या कैंसलेशन की संभावना को ध्यान में रखें
YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---

Exit mobile version