सोशल संवाद/डेस्क : चाईबासा में बढ़ते सड़क हादसों और लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था को लेकर रविवार को शहरवासियों ने एकजुट होकर “नो एंट्री” लागू करने की मांग उठाई। इस मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने एक विशाल पदयात्रा निकाली, जिसमें महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
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पदयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान लोगों के हाथों में बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर “शहर में नो एंट्री लागू करो” और “भारी वाहनों पर रोक लगाओ” जैसे नारे लिखे हुए थे। पूरे रास्ते आंदोलनकारी प्रशासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते नजर आए और यातायात सुधार की मांग करते रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में भारी वाहनों के अनियंत्रित प्रवेश से आए दिन जाम की स्थिति बनती है। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। आम नागरिकों को रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आंदोलनकारियों ने प्रशासन से अपील की कि जल्द से जल्द “नो एंट्री” व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि शहर में ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू हो सके और लोगों को राहत मिल सके।
पूरी पदयात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई, लेकिन इसमें शामिल लोगों का संदेश स्पष्ट था यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।









