सोशल संवाद/डेस्क (सिद्धार्थ प्रकाश ): म्यांमार के मध्य भाग में 7.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसका केंद्र मंडाले के पास था। यह भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:51 बजे (जीएमटी 6:21 बजे) आया और केवल 10 किमी की गहराई पर होने के कारण इसका प्रभाव अत्यधिक विनाशकारी रहा। इसके झटके थाईलैंड तक महसूस किए गए, विशेष रूप से बैंकॉक में, जहाँ एक 33-मंज़िला निर्माणाधीन इमारत ढह गई।
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म्यांमार में प्रभाव इस भूकंप ने म्यांमार में व्यापक तबाही मचाई, खासकर मंडाले, सगाइंग और नेपीडॉ क्षेत्रों में।
- कम से कम 344 लोगों की मौत हो गई और 1732 लोग घायल हुए।
- कई बहुमंजिला इमारतें ध्वस्त हो गईं, सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं और अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाएँ चरमरा गईं।
- सरकार ने आपातकाल घोषित कर दिया और दुर्लभ रूप से अंतर्राष्ट्रीय सहायता की मांग की।
- संचार सेवाएँ बाधित हो गईं और नागरिक संघर्ष के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में राहत कार्य बाधित हुए।
थाईलैंड में प्रभाव थाईलैंड में सबसे अधिक नुकसान बैंकॉक में हुआ।
- यहाँ के चातुचक जिले में एक 33-मंजिला निर्माणाधीन इमारत गिर गई, जिससे कम से कम 110 लोगों की मौत हो गई और लगभग 100 मजदूर लापता या फंसे हुए हैं।
- प्रधानमंत्री पैटोंगटार्न शिनावात्रा ने बताया कि अन्य इमारतों को अधिक नुकसान नहीं हुआ, और कोई सुनामी का खतरा नहीं राहत दल ड्रोन, खोजी कुत्तों और भारी मशीनरी की सहायता से बचाव कार्य में लगे हैं।
भूकंप का कारण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
- इस भूकंप का कारण सगाइंग फॉल्ट के साथ हुए विवर्तनिक हलचल को माना जा रहा है।
- अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) और वोल्केनो डिस्कवरी ने इस घटना की पुष्टि की।
- यह क्षेत्र पहले भी भूकंपों से प्रभावित हुआ है, जैसे कि 2012 में आए 6.8 तीव्रता के भूकंप से।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
- म्यांमार सरकार ने अप्रत्याशित रूप से अंतर्राष्ट्रीय सहायता की अपील की।
- पोप फ्रांसिस ने पीड़ितों के लिए प्रार्थना की, और अंतरराष्ट्रीय बचाव संगठन सहायता भेज रहे हैं।
यह भूकंप म्यांमार और थाईलैंड के लिए विनाशकारी साबित हुआ है। राहत और पुनर्निर्माण के प्रयास जारी हैं, और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग इस संकट को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भविष्य में ऐसे भूकंपों के प्रभाव को कम करने के लिए भूकंपरोधी संरचनाओं और आपातकालीन तैयारियों को प्राथमिकता देनी होगी।
