Digital Life Certificate 2026: 1 नवंबर से 2,000 शहरों में अभियान, पेंशनधारकों को मिलेगी सुविधा

By Tamishree Mukherjee

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सोशल संवाद / डेस्क : देशभर के पेंशनभोगियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग 1 नवंबर से पांचवां राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान शुरू करने जा रहा है। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। सरकार के मुताबिक, इस बार देश के करीब 2,000 शहरों और जिलों में अभियान चलाया जाएगा। इसे अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान बताया गया है।

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इस पहल का मुख्य उद्देश्य बुजुर्ग और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले पेंशनधारकों को घर बैठे जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की सुविधा देना है। इसके लिए फेस ऑथेंटिकेशन यानी चेहरे की पहचान करने वाली तकनीक को बढ़ावा दिया जाएगा।

1 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान

कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान में देशभर के पेंशनभोगियों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा जाएगा। इसके लिए पेंशन वितरित करने वाले बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, पेंशनभोगी कल्याण संघों और विभिन्न सरकारी विभागों के साथ समन्वय किया जाएगा।

इस अभियान में रक्षा महालेखा नियंत्रक (CGDA), रेलवे, दूरसंचार विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), राज्य सरकारों, UIDAI और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की भी भागीदारी रहेगी।

मोबाइल से फेस ऑथेंटिकेशन कर बनेगा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र

पेंशन जारी रखने के लिए प्रत्येक पेंशनभोगी को हर साल अपना जीवन प्रमाणपत्र जमा करना होता है। पहले इसके लिए कई लोगों को बैंक या संबंधित कार्यालयों में जाना पड़ता था। लेकिन डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र यानी DLC के जरिए अब यह प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है।

सरकार इस बार फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक पर विशेष जोर दे रही है। इसके माध्यम से एंड्रॉयड और आईओएस स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर चेहरे की पहचान के जरिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनाया जा सकता है।

इस सुविधा से खासकर बुजुर्ग, बीमार और चलने-फिरने में असमर्थ पेंशनधारकों को फायदा मिलेगा। उन्हें जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए बार-बार बैंक या सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

दूरदराज के इलाकों तक पहुंचेंगी सरकारी सेवाएं

इस अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य उन पेंशनभोगियों तक पहुंचना है, जो दूरदराज के ग्रामीण और पिछड़े इलाकों में रहते हैं। इसके लिए विभिन्न सरकारी संस्थाओं और स्थानीय संगठनों की मदद ली जाएगी।

अभियान के दौरान पेंशनधारकों को डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के अलावा स्वास्थ्य जांच और आधार कार्ड में जरूरी जानकारी अपडेट कराने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। जरूरत पड़ने पर बुजुर्ग पेंशनभोगियों को उनके घर पर भी सेवाएं देने की व्यवस्था की जाएगी।

शिकायतों के समाधान के लिए तैनात होंगे अधिकारी

डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान के दौरान पेंशनभोगियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए शिकायतों के निपटारे की व्यवस्था भी की जाएगी। सरकार के मुताबिक, DLC से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए शिकायत अधिकारी तैनात किए जाएंगे। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी शिकायतों का जल्द से जल्द निपटारा सुनिश्चित करना होगा।

बुजुर्ग पेंशनधारकों को डिजिटल सुविधा से जोड़ने की पहल

सरकार का यह अभियान पेंशन सेवाओं को अधिक आसान, पारदर्शी और सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक और घर तक पहुंचने वाली सेवाओं से बुजुर्गों को काफी सहूलियत मिल सकती है।

1 नवंबर से शुरू होने वाला यह अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। इसके जरिए सरकार की कोशिश है कि देश के अधिक से अधिक पेंशनभोगी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा का लाभ उठा सकें और उनकी पेंशन संबंधी प्रक्रिया बिना परेशानी जारी रह सके।

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