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पूर्वी सिंहभूम जिले में बैंकों की जिला परामर्शदात्री समिति और जिला स्तरीय समीक्षा बैठक

By Tamishree Mukherjee

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पूर्वी सिंहभूम जिले में बैंकों की बैठक
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सोशल संवाद / जमशेदपुर : उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार दीपांकर चौधरी, परियोजना निदेशक, ITDA पूर्वी सिंहभूम की अध्यक्षता में बैंकों की जिला परामर्शदात्री समिति (DCC) और जिला स्तरीय समीक्षा बैठक (DLRC) आयोजित की गई। इस बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक संतोष कुमार ने वित्तीय वर्ष 2024-2025 की द्वितीय तिमाही का वित्तीय लेखा जोखा प्रस्तुत किया।

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बैठक में उल्लेखनीय बिंदुओं पर चर्चा की गई:

– वार्षिक जमा ऋण अनुपात में बैंकों द्वारा समकक्ष द्वितीय तिमाही 25 में 50.04 % के मुकाबले 56.27 % की उपलब्धि प्राप्त की गई।

– प्रधानमंत्री जन धन योजना के कुल 8,72,007 खातों में से 58267 शून्य राशि के थे, और आधार सीडिंग प्रतिशत 89.04 % रहा।

– सरकारी योजनाओं के अनुपालन में जिले के बैंकों ने अच्छा प्रदर्शन किया है, विशेषकर प्रधानमंत्री जनधन योजना, सुरक्षा बीमा योजना, और अटल पेंशन योजना में।

निदेशक महोदय ने प्राथमिकता क्षेत्र में कृषि ऋण में सुधार, जमा साख में वृद्धि, मुद्रा योजना, PMEGP और PMFME योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत आवेदनों का शीघ्र ऋण संवितरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने बैंकों के अधिकारियों से कहा कि वे सरकारी योजनाओं के आवेदन को शीघ्र निष्पादित करें और समाज के अंतिम छोर पर बैठे लोगों के लिए संवेदनशीलता से काम करें।

अग्रणी जिला प्रबंधक संतोष कुमार ने कुछ बैंकों के प्रायोरिटी सेक्टर ऋण वितरण की कमी को स्वीकार करते हुए वार्षिक साख लक्ष्य को तर्कसंगत वितरण के आधार पर तय करने की आवश्यकता बताई।

दीपांकर चौधरी ने बैंकों को पंचायत स्तरीय सभी कार्यक्रम में भागीदारी सुनिश्चित करने और ग्रामीण लोगों की समस्याओं का समाधान त्वरित रूप से करने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना,रबी के तहत सभी योग्य  केसीसी ऋण धारकों को योजना का लाभ देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि किसी किसान को इस योजना से वंचित रहना उचित नहीं है।

अध्यक्ष महोदय ने डीडीएम नाबार्ड, अग्रणी जिला प्रबंधक, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, कृषि संबंधित विभागों, जिला सहकारिता अधिकारी और जेएसएलपीएस की एक सामूहिक बैठक आयोजित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि यह विशेष समूह मिलकर कार्य करे तो जिले में उद्योग, कृषि, और लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सकता है, जिससे लोगों को रोजगार और आमदनी के अवसर प्राप्त होंगे।

ITDA निदेशक ने सभी बैंकों से बैंक शाखा/ ATM इत्यादि खोलने के लिए पंचायतों के भवनों में स्थापित करने पर बल दिया।

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