Diwali 2026: सुप्रीम कोर्ट की अपील, बिना पटाखों के मनाएं दिवाली; विराट कोहली जैसे सितारों से जागरूकता फैलाने का सुझाव

By Riya Kumari

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Diwali 2026: सुप्रीम कोर्ट की अपील, बिना पटाखों के मनाएं दिवाली; विराट कोहली जैसे सितारों से जागरूकता फैलाने का सुझाव

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सोशल संवाद / डेस्क : दिवाली पर पटाखों से होने वाले वायु प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया है। 29 अक्टूबर 2026 को दिल्ली-NCR में प्रदूषण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्र और दिल्ली सरकार को सुझाव दिया कि लोगों को बिना पटाखों के दिवाली मनाने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके लिए विराट कोहली जैसे लोकप्रिय खिलाड़ियों और अन्य सम्मानित सार्वजनिक हस्तियों की मदद लेने की बात भी कही गई।

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विराट कोहली समेत मशहूर हस्तियों से जागरूकता फैलाने का सुझाव

सुनवाई के दौरान जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ ने कहा कि लोकप्रिय खिलाड़ी और समाज में सम्मानित हस्तियां लोगों तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचा सकती हैं। अदालत ने सुझाव दिया कि इन हस्तियों के जरिए टीवी, अखबार और अन्य माध्यमों पर जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएं।

अदालत का मानना था कि यदि लोकप्रिय चेहरे लोगों से पटाखों के बिना दिवाली मनाने की अपील करेंगे, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

बच्चों को भी जागरूक करने पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से बच्चों को पटाखों से होने वाले प्रदूषण के प्रति जागरूक करने का सुझाव दिया। अदालत के अनुसार, बच्चे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध के पक्ष में नहीं अदालत

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि बिना किसी नियंत्रण के पटाखे जलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत का जोर धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं के साथ पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाने पर है।

पीठ ने अधिकारियों से पिछले साल लागू किए गए प्रतिबंधों और उनके पालन को लेकर भी जानकारी मांगी। अदालत ने पूछा कि नियमों को लागू करने के लिए कितनी टीमें बनाई गईं, कहां निरीक्षण हुआ और प्रतिबंधित पटाखों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

प्रदूषण से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को खतरा

पटाखों से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। इसका असर विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों पर पड़ सकता है। इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली के दौरान जिम्मेदारी से उत्सव मनाने और प्रदूषण कम करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया है।

ध्यान दें: सुप्रीम कोर्ट की ओर से बिना पटाखों के दिवाली मनाने के लिए जागरूकता बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। इसे पूरे देश में पटाखों पर लगाए गए नए पूर्ण प्रतिबंध के रूप में नहीं समझना चाहिए।

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