सोशल संवाद/डेस्क : दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शामिल Dubai International Airport पर अचानक बड़ा सुरक्षा संकट खड़ा हो गया। एयरपोर्ट के पास हुए एक ड्रोन हमले के बाद वहां स्थित एक ऑयल टैंक में आग लग गई, जिसके चलते प्रशासन को सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला लेना पड़ा।
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इस घटना की पुष्टि Dubai Media Office ने की है। जानकारी के मुताबिक घटना के तुरंत बाद Dubai Civil Defence की टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का काम शुरू किया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए Dubai Civil Aviation Authority ने एयरपोर्ट पर आने-जाने वाली सभी उड़ानों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है।
इस बीच, एयरपोर्ट पर आने वाली कुछ उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट किया गया है। खासतौर पर कई फ्लाइट्स को Al Maktoum International Airport की तरफ भेजा जा रहा है ताकि यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना न करना पड़े।
घटना के बाद यात्रियों को एयरपोर्ट न आने की सलाह भी दी गई है। यूएई की प्रमुख एयरलाइन Emirates Airline ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि दुबई आने-जाने वाली सभी उड़ानें फिलहाल रोक दी गई हैं। एयरलाइन ने यात्रियों से अपील की है कि वे एयरपोर्ट जाने के बजाय अपनी उड़ानों से जुड़ी जानकारी के लिए सीधे एयरलाइन से संपर्क करें और प्रशासन का सहयोग करें।
दुबई सिविल डिफेंस के अनुसार आग पर अब काफी हद तक काबू पा लिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही उड़ानों को दोबारा शुरू करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि Dubai International Airport को दुनिया के सबसे व्यस्त अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में गिना जाता है। साल 2025 में यहां से लगभग 95.2 मिलियन यात्रियों ने यात्रा की थी, जो एक नया रिकॉर्ड माना गया।
दुबई पर्यटन, व्यापार और निवेश का बड़ा केंद्र बन चुका है। इसी वजह से हर साल यहां आने वाले पर्यटकों और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार 2024 में इस एयरपोर्ट से करीब 92.3 मिलियन यात्रियों ने यात्रा की थी, जबकि 2023 में यह संख्या लगभग 86.9 मिलियन रही थी।
यह एयरपोर्ट दुनिया के 110 देशों के 291 शहरों को जोड़ता है और करीब 108 अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस यहां से अपनी सेवाएं संचालित करती हैं। यही कारण है कि यहां होने वाली किसी भी बड़ी घटना का असर वैश्विक हवाई यातायात पर भी देखने को मिलता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्थिति को पूरी तरह सामान्य बनाना है। जांच पूरी होने और सुरक्षा क्लियरेंस मिलने के बाद ही उड़ानों के संचालन को फिर से शुरू किया जाएगा।









