सोशल संवाद / कोल्हान /जमशेदपुर: दलमा क्षेत्र सुरक्षा मंच,कोल्हान के वरीय पदाधिकारीगण एवं आदिवासी समन्वय समिति,चांडिल के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से चांडिल डैम क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डैम निर्माण से प्रभावित विस्थापित परिवारों की स्थिति का जायजा लिया और उन्हें अब तक पूर्ण रूप से मुआवजा एवं पुनर्वास लाभ नहीं मिलने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
निरीक्षण के क्रम में पदाधिकारियों ने डैम से प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थानीय लोगों से बातचीत की। विस्थापित परिवारों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए बताया कि उन्हें अब तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही स्थायी पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। कई परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं और उन्हें रोजमर्रा की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार एवं संबंधित विभाग द्वारा विस्थापितों के साथ लगातार उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि डैम निर्माण के समय किए गए वादों को तत्काल पूरा किया जाए और सभी प्रभावित परिवारों को पारदर्शी तरीके से मुआवजा, आवास, रोजगार एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
दलमा क्षेत्र सुरक्षा मंच के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही विस्थापितों की मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि एक निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निष्पादन किया जाए।
इस अवसर पर दलमा टाइगर सुकलाल पहाड़िया,प्रकाश मार्डी, आजादशेखर टुडू,डोमन बास्के, गुरुचरण कर्मकार,महावीर हांसदा, मंगल मांझी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।









