सोशल संवाद / डेस्क : देशभर के करोड़ों वाहन मालिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार फिलहाल E25 (25% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को लागू करने की जल्दबाजी में नहीं है। सूत्रों के अनुसार, E20 पेट्रोल को लेकर सामने आई शिकायतों और लोगों की चिंताओं को देखते हुए सरकार E25 लागू करने से पहले व्यापक तकनीकी परीक्षण और सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करना चाहती है।

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E25 पेट्रोल फिलहाल क्यों टल सकता है?
हाल के महीनों में कई वाहन मालिकों ने दावा किया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से कुछ वाहनों की माइलेज में कमी, इंजन के प्रदर्शन पर असर और खासकर पुराने वाहनों में कुछ पार्ट्स से जुड़ी समस्याएं देखने को मिली हैं। इन शिकायतों के बाद सरकार जल्दबाजी में अगला कदम उठाने के बजाय सभी पहलुओं की समीक्षा कर रही है।
सरकार पहले करेगी विस्तृत परीक्षण
सरकार चाहती है कि E25 लागू करने से पहले वाहन निर्माता कंपनियां, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां और संबंधित एजेंसियां पूरी तरह तैयार हों। इसके लिए इंजन कैलिब्रेशन, वाहनों की दोबारा टेस्टिंग और तकनीकी अध्ययन जैसे कई पहलुओं पर काम किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन को लागू करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि इसका सभी श्रेणी के वाहनों पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
E20 पेट्रोल पर क्या हैं लोगों की शिकायतें?
कई वाहन मालिकों का कहना है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद कुछ गाड़ियों में माइलेज कम हुई है। वहीं, कुछ पुराने वाहनों में इंजन और रबर आधारित पार्ट्स पर असर पड़ने की भी शिकायतें सामने आई हैं।
हालांकि, सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों का कहना है कि E20 को लंबे समय तक परीक्षण के बाद लागू किया गया है और यह E20-कम्पैटिबल (E20 Compatible) नए वाहनों के लिए सुरक्षित है। इसके बावजूद सरकार E25 को लागू करने से पहले सभी तकनीकी पहलुओं की दोबारा समीक्षा करना चाहती है।
फिलहाल E20 ही रहेगा लागू
वर्तमान में देशभर में E20 पेट्रोल उपलब्ध है और फिलहाल इसी व्यवस्था को जारी रखा जाएगा। सरकार का फोकस पहले मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा, तकनीकी परीक्षण और सभी हितधारकों की तैयारी सुनिश्चित करने पर है। इसके बाद ही E25 को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।










