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kidney failure के शुरुआती संकेत, जिन्हें न करें नज़र अंदाज़

By Muskan Thakur

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kidney failure के शुरुआती संकेत

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सोशल संवाद/डेस्क : kidney हमारे शरीर का बेहद अहम हिस्सा है, जो खून को साफ करने, टॉक्सिन बाहर निकालने और शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने का काम करती है। जब तक किडनी सही से काम करती है, हमें इसकी अहमियत का एहसास नहीं होता, लेकिन जरा सी लापरवाही kidney डिजीज और गंभीर स्थिति यानी किडनी फेलियर तक पहुंचा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर कई बार शुरुआती संकेतों के जरिए हमें अलर्ट करता है, लेकिन लोग इन्हें सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

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क्यों ज़रूरी है शुरुआती लक्षणों को पहचानना?

kidney डिजीज धीरे-धीरे विकसित होती है। शुरुआत में यह आम थकान, भूख कम लगना या पेशाब में बदलाव जैसे लक्षण दिखाती है। लोग अक्सर इन्हें लाइफस्टाइल या उम्र से जुड़ी दिक्कत समझ लेते हैं। यही वजह है कि ज्यादातर मामलों में किडनी की बीमारी तब पकड़ में आती है, जब वह गंभीर स्टेज तक पहुंच जाती है।

किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत

1. बार-बार पेशाब आना या पेशाब में बदलाव

अगर आपको रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना पड़ता है या दिन में पेशाब की मात्रा में अचानक कमी-बढ़ोतरी हो रही है, तो यह किडनी की खराबी का संकेत हो सकता है।

2. पेशाब में झाग या खून आना

सामान्य परिस्थितियों में पेशाब साफ होता है। अगर इसमें झाग बनने लगे या खून आने लगे, तो यह kidney की फिल्ट्रेशन क्षमता के कम होने का सीधा संकेत है।

3. लगातार थकान महसूस होना

kidney की खराबी के कारण शरीर में एरिथ्रोपॉयटिन नामक हार्मोन का उत्पादन घट जाता है। इससे रेड ब्लड सेल्स कम बनती हैं और शरीर में एनीमिया जैसी स्थिति हो जाती है। नतीजतन, व्यक्ति को हर समय थकान और कमजोरी महसूस होती है।

4. चेहरे या पैरों में सूजन

kidney जब सोडियम और पानी को बाहर निकालने में असमर्थ हो जाती है, तो शरीर में सूजन आने लगती है। यह सूजन ज्यादातर चेहरे, टखनों और पैरों पर दिखाई देती है।

5. भूख न लगना और मतली आना

kidney जब टॉक्सिन को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती, तो यह रक्त में जमा हो जाते हैं। इससे मतली, उल्टी और भूख न लगने जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

6. सांस लेने में दिक्कत

kidney रोग से शरीर में फ्लूइड इकट्ठा हो जाता है या एनीमिया की समस्या हो सकती है। दोनों ही स्थितियों में फेफड़ों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और सांस लेने में परेशानी होती है।

7. त्वचा पर खुजली या रूखापन

kidney की खराबी से खून में फॉस्फोरस और मिनरल्स का असंतुलन हो जाता है। इसका असर सीधे त्वचा पर पड़ता है और खुजली, रूखापन या चकत्ते दिखाई देने लगते हैं।

क्यों बढ़ रहा है किडनी डिजीज का खतरा?

तेज़ रफ्तार लाइफस्टाइल, गलत खानपान, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज़ kidney रोगों के सबसे बड़े कारण हैं। शुगर और ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों में किडनी डिजीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। वहीं, पर्याप्त पानी न पीना, पेनकिलर्स का लगातार सेवन और ज्यादा नमक वाला खाना भी किडनी को नुकसान पहुंचाता है।

कैसे करें किडनी की सुरक्षा?

  • हेल्दी डाइट अपनाएं – कम नमक और संतुलित प्रोटीन वाला भोजन लें।
  • पर्याप्त पानी पिएं – रोज़ाना 8–10 गिलास पानी पीने से किडनी को टॉक्सिन बाहर निकालने में मदद मिलती है।
  • ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल करें – नियमित जांच कराते रहें।
  • पेनकिलर्स से बचें – बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक दवाइयों का सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।
  • रेगुलर हेल्थ चेकअप – खासकर अगर आपको डायबिटीज़ या हाई बीपी की समस्या है, तो समय-समय पर किडनी की जांच ज़रूर करवाएं।

kidney फेलियर अचानक नहीं होता, बल्कि धीरे-धीरे विकसित होता है। शरीर हमें इसके शुरुआती संकेत देता है, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय रहते इन संकेतों को पहचानकर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सही खानपान, स्वस्थ जीवनशैली और नियमित जांच से किडनी को लंबे समय तक हेल्दी रखा जा सकता है।

FAQ: किडनी फेलियर से जुड़े सवाल

प्रश्न 1: kidney डिजीज का सबसे पहला संकेत क्या हो सकता है?
पेशाब में बदलाव जैसे बार-बार पेशाब आना, झागदार पेशाब या खून आना शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

प्रश्न 2: क्या सिर्फ थकान महसूस होना भी किडनी की समस्या का लक्षण है?
हां, लगातार थकान और कमजोरी एरिथ्रोपॉयटिन हार्मोन की कमी से जुड़ी हो सकती है, जो किडनी की खराबी के कारण होता है।

प्रश्न 3: किन लोगों में kidney रोग का खतरा ज्यादा रहता है?
डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों और ज्यादा पेनकिलर्स लेने वालों में यह खतरा बढ़ जाता है।

प्रश्न 4: क्या शुरुआती स्टेज में kidney डिजीज को रोका जा सकता है?
हां, समय पर पहचान और सही इलाज से इसकी प्रगति को रोका जा सकता है।

प्रश्न 5: kidney की देखभाल के लिए रोज़ कितने गिलास पानी पीना चाहिए?
सामान्य परिस्थितियों में 8–10 गिलास पानी पर्याप्त होता है, हालांकि जरूरत शरीर की स्थिति और मौसम पर भी निर्भर करती है।

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