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किसानों का मार्च, पंजाब-चंडीगढ़ बॉर्डर सील:100 किसान हिरासत में, ट्रैक्टर की नंबर प्लेट पेंट कर लाए; CM मान से बहस के बाद भड़के किसान

By Tamishree Mukherjee

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किसानों का मार्च, पंजाब-चंडीगढ़ बॉर्डर सील
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सोशल संवाद/डेस्क : संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) आज, 5 मार्च से चंडीगढ़ के सेक्टर 34 में अनिश्चितकालीन धरना लगाएगा। किसानों ने ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर मोहाली से चंडीगढ़ में घुसने का ऐलान किया है। किसान MSP की गारंटी के कानून समेत 13 मांगों को लेकर यह प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि अभी तक उन्हें चंडीगढ़ प्रशासन से धरने की परमिशन नहीं मिली है। इसे देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब से सटे सारे बॉर्डर सील कर दिए हैं। यहां तक कि किसान चंडीगढ़ में न घुसें, इसके लिए पुलिस बाइक–कार सवारों के भी ID प्रूफ चेक कर रही है।

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Sunrise Enclave
ASL Motors and Dilip Kia

मोहाली में रोपड़ जिले से आए 100 किसानों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उनकी 15 ट्रैक्टर ट्रॉलियां कब्जे में ली हैं। किसानों ने अपने ट्रैक्टर की नंबर प्लेट पर रंग किया हुआ है, ताकि CCTV कैमरों से उनकी पहचान न हो पाए।

वहीं भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) के प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने आंदोलनकारी किसानों से अपील की कि पुलिस जहां रोके, वहीं सड़क किनारे खाली जगह पर बैठ जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क जाम करने का आरोप लगा पंजाब पुलिस पर किसानों को बदनाम करने की साजिश रच रही है।

हथियारों से लैस 3 युवक हिरासत में 

चंडीगढ़ मोहाली बॉर्डर पर पुलिस ने नाके पर कार सवार 3 युवकों को हिरासत में लिया है। तीनों के पास हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस ने उनसे हथियार से जुड़े लाइसेंस मांगें तो वह नहीं दिखा पाए। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह बिल्डर के सुरक्षाकर्मी हैं। फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है।

आंदोलन से पहले क्या हुआ, 3 पॉइंट्स में जानिए

1. किसानों ने चंडीगढ़ में प्रदर्शन का ऐलान किया किसानों ने MSP की कानूनी गारंटी के साथ पंजाब सरकार से जुड़े मसलों पर फैसले की मांग को लेकर चंडीगढ़ में अनिश्वितकालीन धरने का ऐलान किया। 26 फरवरी को इस संबंध में SKM की मीटिंग कर फैसला लिया गया।

2. पंजाब CM से मीटिंग में बहस हुई, मान मीटिंग छोड़कर चले गए इसके बाद पंजाब CM भगवंत मान ने संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं से चंडीगढ़ में मीटिंग की। जिसमें किसानों के प्रोटेस्ट के तरीके और केंद्र से जुड़ी मांगों को लेकर CM और किसानों की बहस हो गई। CM ने बीच में ही मीटिंग छोड़कर चले गए।

CM ने इस बारे में मीडिया से कहा- मैंने किसानों से पूछा कि 5 मार्च के मोर्चे का क्या होगा? उन्होंने कहा कि यह जारी रहेगा। फिर मैंने पूछा कि मुझे ढाई घंटे तक क्यों बैठाया, जब उनकी मांगें मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं, बल्कि केंद्र सरकार से जुड़ी थीं।

सीएम ने आगे कहा- किसानों का कहना था कि मैंने धरने के डर से मीटिंग बुलाई। मैंने कहा कि ये गलत है। मैं किसानों का दोस्त हूं लेकिन मीटिंग और मोर्चा एक साथ नहीं चल सकते।

3. पुलिस ने किसान नेता हिरासत में लेने शुरू किए 

मीटिंग के अगले दिन 4 मार्च को सुबह से ही पंजाब पुलिस एक्शन में आ गई। किसान नेता बलबीर राजेवाल समेत पंजाब के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया या फिर उनके घरों में नजरबंद कर दिया गया ताकि वह चंडीगढ़ न पहुंच सकें। हालांकि किसानों ने चंडीगढ़ में धरने के फैसले को टालने से इनकार कर दिया।

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