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Iran की Qasem Basir Missile का खौफ? 1200 KM रेंज से बदली US Navy की तैनाती

By Riya Kumari

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Iran की Qasem Basir Missile का खौफ? 1200 KM रेंज से बदली US Navy की तैनाती
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सोशल संवाद / डेस्क : ईरान की नई Qasem Basir बैलिस्टिक मिसाइल को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री तनाव बढ़ गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, सितंबर की शुरुआत में अमेरिकी युद्धपोतों को ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्र से पीछे की ओर reposition किया गया। सैटेलाइट तस्वीरों में पहले जिन इलाकों में अमेरिकी नौसेना के जहाज दिखाई देते थे, वहां बाद में उनकी मौजूदगी कम नजर आई। हालांकि, इससे यह साबित नहीं होता कि अमेरिकी नौसेना पूरे क्षेत्र से हट गई है।

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1200 KM तक बताई जाती है Qasem Basir की रेंज

ईरान ने Qasem Basir को 2025 में पेश किया था। इसकी रेंज करीब 1,200 किलोमीटर बताई जाती है। रिपोर्टों के अनुसार यह एक solid-fuel medium-range ballistic missile है, जिसमें maneuverable reentry vehicle और infrared/electro-optical seeker जैसी तकनीक होने का दावा किया गया है। इन खूबियों का उद्देश्य moving targets को track करने और missile की accuracy बढ़ाने से जुड़ा है।

अमेरिकी युद्धपोतों को लेकर क्या सामने आया?

सितंबर में अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था कि ईरान की ओर से अमेरिकी युद्धपोतों पर ballistic missiles लॉन्च किए गए थे। अमेरिकी पक्ष के अनुसार जहाजों ने हमलों को evade किया और अमेरिकी कर्मियों के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई। वहीं, ईरानी अधिकारियों ने नए missile system की क्षमता को इस कार्रवाई से जोड़कर पेश किया। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से यह पुष्टि नहीं की कि हमले में Qasem Basir ही इस्तेमाल हुई थी।

क्या अमेरिकी नौसेना सच में 1200 KM पीछे हटी?

कुछ रिपोर्टों में सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर दावा किया गया है कि अमेरिकी aircraft carriers और अन्य warships पहले की तुलना में अलग स्थानों पर दिखाई दे रहे हैं। लेकिन उपलब्ध जानकारी यह साबित नहीं करती कि अमेरिकी नौसेना ने पूरे Arabian Sea या CENTCOM क्षेत्र को छोड़ दिया है। दूसरी रिपोर्टों में अमेरिकी जहाजों के Arabian Sea में operational activity जारी रहने की बात सामने आई है।

इसलिए फिलहाल यह कहना ज्यादा सटीक होगा कि अमेरिकी नौसेना की forward positioning में बदलाव के संकेत मिले हैं, जबकि Qasem Basir मिसाइल के कारण ही यह बदलाव हुआ, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सीमित है।

क्यों महत्वपूर्ण है Qasem Basir?

अगर ईरान की बताई गई 1,200 किलोमीटर की range और moving targets को track करने की क्षमता प्रभावी साबित होती है, तो इससे Gulf of Oman और Arabian Sea के बड़े हिस्से में अमेरिकी warships के लिए संभावित missile threat बढ़ सकता है। हालांकि, किसी moving aircraft carrier को वास्तविक युद्ध में सफलतापूर्वक निशाना बनाने के लिए missile range के अलावा लगातार surveillance, accurate targeting और terminal guidance भी जरूरी होते हैं।

फिलहाल Qasem Basir की वास्तविक combat effectiveness और अमेरिकी नौसेना की repositioning के बीच संबंध को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। आने वाले समय में satellite imagery और आधिकारिक सैन्य बयानों से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

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