सोशल संवाद/डेस्क: घाटशिला में स्थित सोना देवी यूनिवर्सिटी शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों को मजबूती से जोड़ते हुए एक नई पहल करने जा रही है। विश्वविद्यालय परिसर में 22 दिसंबर 2025 को पहला रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन विश्वविद्यालय की स्थापना के दो वर्ष पूर्ण होने और तीसरे वर्ष में प्रवेश के शुभ अवसर पर किया जा रहा है।

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सोना देवी यूनिवर्सिटी की स्थापना सोना देवी मेमोरियल एजुकेशन फाउंडेशन ट्रस्ट द्वारा झारखंड के युवाओं के समग्र विकास के उद्देश्य से की गई है। संस्थान की प्रेरणा माता स्वर्गीय सोना देवी और पिता स्वर्गीय एसडी सिंह (सुखदेव सिंह) से मिली है। विश्वविद्यालय का मूल लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से कौशल विकास के साथ-साथ मानवीय और नैतिक मूल्यों का निर्माण करना है।
इन्हीं सर्वसमावेशी मूल्यों को व्यवहारिक रूप देने के लिए रक्तदान शिविर को विश्वविद्यालय की गतिविधियों से जोड़ा गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि रक्तदान जैसे सेवा कार्य समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करते हैं और युवाओं में मानवता के प्रति संवेदनशीलता विकसित करते हैं। इस अवसर पर यह भी निर्णय लिया गया है कि भविष्य में प्रत्येक वर्ष विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस के आसपास नियमित रूप से रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इस रक्तदान शिविर में सोना देवी यूनिवर्सिटी से जुड़े सभी छात्र-छात्राएं, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, ट्रस्ट के सदस्य और वे सभी शुभचिंतक आमंत्रित हैं, जिन्होंने इस विश्वविद्यालय को एक विचार से लेकर शिक्षा के मंदिर के रूप में साकार होते देखा है।
रक्तदान शिविर का आयोजन प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक किया जाएगा। कार्यक्रम का स्थान विवेकानंद सभागार, सोना देवी यूनिवर्सिटी, एनएच-33, कीताडीह, घाटशिला, पूर्वी सिंहभूम निर्धारित किया गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने अधिक से अधिक लोगों से इस मानवीय पहल में भाग लेकर जीवनदायिनी सेवा का हिस्सा बनने की अपील की है।










