सोशल संवाद / डेस्क : उत्तराखंड के चमोली जिले में जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। नारायणबगड़, जाख-कडाको, बेड़गांव, मानूर और आसपास के कई इलाकों के जंगलों में आग फैलने से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। आग के कारण पूरे क्षेत्र में धुएं के बादल छा गए हैं, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

यह भी पढे : Jharkhand में बदलेगा मौसम का मिजाज, 7–9 मार्च के बीच बारिश और गरज-चमक के आसार
कई जंगलों में एक साथ लगी आग
जानकारी के अनुसार होली के दिन भी नारायणबगड़ और जाख-कडाको क्षेत्र के कई जंगल दिनभर जलते रहे। इसके अलावा सुनभी, भटियाणा और आसपास के क्षेत्रों से भी आग लगने की खबरें सामने आई हैं। आग धीरे-धीरे जंगल से आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ने लगी है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

वन संपदा को भारी नुकसान
कपीरी पट्टी के कंडारा ग्राम पंचायत और आसपास के जंगलों में लगी आग से वन संपदा को काफी नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दो दिनों से कई जगहों पर जंगल लगातार जल रहे हैं। बरतोली गांव के जंगल में भी आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए स्थानीय महिलाएं भी आगे आईं और आग पर काबू पाने की कोशिश करती रहीं।
ग्रामीणों को हो रही परेशानी
जंगलों में लगी आग से ग्रामीणों के दैनिक जीवन पर भी असर पड़ा है। मवेशियों के लिए चारा और जंगल से मिलने वाले अन्य संसाधन जुटाने में लोगों को कठिनाई हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द कार्रवाई कर आग पर नियंत्रण पाने की मांग की है।
वन विभाग ने शुरू किए प्रयास
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आग बुझाने के लिए विभागीय कर्मियों को मौके पर भेजा गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों के कारण कई स्थानों पर आग बुझाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।










