सोशल संवाद/डेस्क : रांची में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मंत्री और तीन बार विधायक रहे Dulal Bhuiyan ने एक बार फिर Bharatiya Janata Party (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की। प्रदेश कार्यालय में हुए मिलन समारोह में उन्होंने अपने समर्थकों के साथ पार्टी का दामन थामा और भविष्य में पार्टी के प्रति निष्ठावान रहने का संकल्प लिया। इस अवसर पर प्रदेश के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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महाशिवरात्रि के दिन लिया राजनीतिक फैसला
दुलाल भुइयां ने सदस्यता ग्रहण करने के बाद कहा कि यह निर्णय व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज की सामूहिक सहमति से लिया गया है। नामकुम स्थित अंबेडकर नगर में भुइयां समाज की बैठक में विचार-विमर्श के बाद भाजपा में शामिल होने का निर्णय हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीतियों और कार्यशैली से प्रभावित होकर उन्होंने यह कदम उठाया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वे भाजपा छोड़कर किसी अन्य दल में नहीं जाएंगे। उनके साथ उनके पुत्र विप्लव भुइयां, दिलीप भुइयां और समाज के अन्य प्रतिनिधि भी पार्टी में शामिल हुए।
बाबूलाल मरांडी ने किया स्वागत
कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष Babulal Marandi ने दुलाल भुइयां का स्वागत करते हुए कहा कि उनके जुड़ने से पार्टी को संगठनात्मक मजबूती मिलेगी, खासकर दलित और वंचित वर्गों के बीच। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान की बात करती आई है।
मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कानून-व्यवस्था और विकास की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहरी निकाय चुनाव दलीय आधार पर न कराकर भाजपा को कमजोर करने की कोशिश की गई, लेकिन अब जनता जवाब देने को तैयार है।
झामुमो पर साधा निशाना
दुलाल भुइयां ने अपने संबोधन में Jharkhand Mukti Morcha (झामुमो) की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब Shibu Soren सक्रिय थे, तब पार्टी संघर्ष की पहचान रखती थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज के लोगों को अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा था। भुइयां ने यह भी कहा कि भाजपा में उन्हें और उनके समाज को सम्मान मिला है, इसलिए उन्होंने वापसी का फैसला किया।
भाजपा नेतृत्व का बयान
प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा विचारधारा आधारित पार्टी है, जो ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम करती है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में दलितों और पिछड़े वर्गों को सम्मान और अवसर भाजपा शासन में ही मिला है।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य नेताओं ने भी इसे संगठन के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना था कि आगामी निकाय चुनाव और भविष्य की राजनीतिक रणनीति में यह जुड़ाव निर्णायक साबित हो सकता है।
राजनीतिक महत्व
झारखंड की राजनीति में दुलाल भुइयां की वापसी को अहम माना जा रहा है। वे लंबे समय से भुइयां समाज के प्रभावशाली नेता रहे हैं और कई बार विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऐसे में उनके भाजपा में लौटने से राज्य की राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निकाय चुनाव और आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह कदम भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकता है।










