सोशल संवाद/डेस्क : झारखंड के कई जिलों में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। खासकर Seraikela Kharsawan जिले के खरसावां और Khunti में स्थिति काफी गंभीर हो गई है। घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के गैस सिलेंडरों की कमी के कारण उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं और कई लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है।

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खरसावां में एक सप्ताह से नहीं पहुंची गैस गाड़ी
खरसावां में रसोई गैस की स्थिति पिछले एक सप्ताह से चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार चांदनी चौक स्थित गैस गोदाम में कई दिनों से ताला लगा हुआ है और घरेलू गैस की डिलीवरी करने वाली गाड़ियां भी इलाके में नहीं पहुंची हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि सरायकेला स्थित मुख्य गोदाम से जब गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक खरसावां के लिए निकलता है, तो रास्ते में ही कई लोग उसे रोककर सिलेंडर खरीदने की कोशिश करते हैं। कई जगहों पर लोग सड़क किनारे घंटों तक गैस वाहन का इंतजार करते हुए भी देखे जा रहे हैं।
गैस एजेंसियों पर उमड़ रही भीड़
खरसावां की Indane गैस एजेंसी में भी हालात सामान्य नहीं हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेने के लिए पहुंच रहे हैं। कई उपभोक्ताओं को घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति ने आम परिवारों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों और व्यापारियों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं।
होटल और फूड स्टॉल पर पड़ा असर
कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी का असर स्थानीय होटल और फूड स्टॉल कारोबार पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई होटल संचालकों का कहना है कि घरेलू गैस किसी तरह मिल भी जाती है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडर मिलना बेहद मुश्किल हो गया है।
कुछ होटल मालिकों ने बताया कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो उन्हें अपने प्रतिष्ठान अस्थायी रूप से बंद करने पड़ सकते हैं। वहीं कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने शिकायत की है कि गैस एजेंसियों से संपर्क करना भी मुश्किल हो गया है और फोन कॉल का जवाब नहीं मिल रहा है।
लकड़ी और कोयले की मांग बढ़ी
गैस सिलेंडर की कमी का असर अब स्थानीय बाजारों में भी दिखने लगा है। रसोई गैस उपलब्ध नहीं होने के कारण कई परिवार खाना बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तलाश रहे हैं। इसके चलते सूखी लकड़ी और कोयले की मांग अचानक बढ़ गई है। कई परिवार घरों में लकड़ी का स्टॉक भी जमा करने लगे हैं ताकि गैस खत्म होने पर चूल्हे पर खाना बनाया जा सके।
खूंटी में भी उपभोक्ता परेशान
इसी तरह Khunti जिले में भी गैस सिलेंडर की किल्लत से उपभोक्ता परेशान हैं। यहां गैस एजेंसियों के बाहर बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में जब Indane गैस सिलेंडरों से भरा ट्रक बिरसा इंडेन एजेंसी के गोदाम पहुंचा, तो देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल भी तैनात करना पड़ा।
एजेंसी प्रबंधन के अनुसार फिलहाल केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर दिया जा रहा है जिन्होंने पहले से बुकिंग कर रखी है। सिलेंडर लेने के लिए ग्राहकों को छह अंकों वाला बुकिंग कोड दिखाना अनिवार्य किया गया है। हालांकि कई लोग बुकिंग भी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
बढ़ सकती हैं मुश्किलें
लगातार बढ़ती गैस किल्लत के कारण दोनों जिलों में लोगों के बीच चिंता का माहौल है। यदि जल्द ही गैस की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे व्यापारियों और होटल कारोबारियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य हो सके।









