सोशल संवाद / डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक और भारतीय बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष की आशंका के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया है, जिसके कारण सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है।

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MCX पर सोना और चांदी में तेज बढ़त
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी दोनों में मजबूती दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार सोने के अप्रैल फ्यूचर की कीमतों में बढ़त देखी गई, जबकि चांदी के दाम में 2 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। कुछ सत्रों में चांदी की कीमतों में 3% तक की उछाल भी देखने को मिली।
कारोबार के दौरान सोने का भाव 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया, जबकि चांदी 2.7 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर तक पहुंच गई।
सुरक्षित निवेश की बढ़ी मांग
विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी दुनिया में युद्ध या राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तब निवेशक शेयर बाजार जैसे जोखिम वाले निवेश से पैसा निकालकर सोना और चांदी जैसे सेफ-हेवन एसेट्स में निवेश करते हैं। इसी कारण इन कीमती धातुओं की मांग बढ़ जाती है और कीमतों में तेजी आती है।
आगे और बढ़ सकती हैं कीमतें
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो सोना और चांदी दोनों की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। कुछ विश्लेषकों के मुताबिक चांदी भविष्य में 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को भी छू सकती है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। ऐसे माहौल में सोना और चांदी एक बार फिर निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बनकर उभरे हैं, जिसके चलते इनके दामों में लगातार उतार-चढ़ाव और तेजी देखने को मिल रही है।









