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Gold Price Crash Alert: क्या सोने की कीमतों में आने वाली है बड़ी गिरावट? लोग तेजी से बेच रहे हैं पुराना गोल्ड

By Tamishree Mukherjee

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Gold Price Crash

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सोशल संवाद / डेस्क : भारत में सोने (Gold) को हमेशा से सबसे सुरक्षित निवेश (Safe Investment) माना जाता रहा है। लेकिन 2026 में तस्वीर कुछ बदलती हुई दिखाई दे रही है। जहां पहले लोग सोने में निवेश बढ़ा रहे थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में रखा पुराना सोना बेचकर नकदी जुटा रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह सोने की कीमतों में संभावित गिरावट की आशंका और मुनाफा बुक करने की बढ़ती प्रवृत्ति बताई जा रही है।

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अप्रैल से जून के बीच बढ़ी पुराना सोना बेचने की रफ्तार

बाजार के रुझानों के अनुसार अप्रैल से जून 2026 के बीच बड़ी मात्रा में पुराना सोना बाजार में लौटा है। अनुमान है कि इस अवधि में करीब 50 टन गोल्ड लोगों ने बेचा, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। यह संकेत देता है कि निवेशक फिलहाल सोना खरीदने की बजाय ऊंचे भाव पर बेचकर मुनाफा सुरक्षित करना चाहते हैं।

क्यों बदल रहा है निवेशकों का रुख?

हाल के महीनों में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद दबाव में आई हैं। जून 2026 में ही सोने के दाम में करीब ₹15,000 प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई। इस उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के बीच यह आशंका पैदा कर दी है कि यदि कीमतें आगे और गिरती हैं तो उनका लाभ कम हो सकता है। इसी कारण कई लोग अभी ही अपना सोना बेच रहे हैं।

क्या ₹1.20 लाख तक आ सकता है सोना?

बाजार में कुछ विश्लेषकों और रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां और मांग कमजोर रहती है तो सोने की कीमतें लगभग ₹1.40 लाख से घटकर ₹1.20 लाख प्रति 10 ग्राम तक आ सकती हैं। हालांकि यह केवल संभावित अनुमान हैं और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी संभावना के चलते कई निवेशक पहले ही मुनाफा बुक कर रहे हैं।

ज्वेलरी बाजार में भी दिख रहा बदलाव

इस ट्रेंड का असर ज्वेलरी कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पहले जहां ग्राहक नए गहने खरीदने पहुंचते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग पुराने गहनों को बेचने या एक्सचेंज कराने आ रहे हैं। ज्वेलर्स के अनुसार, पुराने सोने के लेन-देन में 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि ग्राहक फिलहाल नई खरीदारी से बचते हुए अपने मौजूदा एसेट का बेहतर उपयोग करना चाहते हैं।

अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि घरों में रखा पुराना सोना जब बाजार में वापस आता है तो इससे गोल्ड रीसाइक्लिंग को बढ़ावा मिलता है और देश की आयात (Gold Import) पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होने के साथ-साथ रीसाइक्लिंग उद्योग को भी मजबूती मिलती है।

क्या सच में आने वाला है Gold Price Crash?

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट निश्चित है। बाजार विशेषज्ञों की राय इस मुद्दे पर अलग-अलग है। कुछ इसे रिकॉर्ड तेजी के बाद सामान्य प्रॉफिट बुकिंग मान रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और निवेशकों की रणनीति के आधार पर कीमतों में आगे भी दबाव बना रह सकता है।

ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी निवेश या बिक्री का फैसला बाजार की स्थिति, अपने वित्तीय लक्ष्य और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखकर करें।

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