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Sanchar Saathi App पर सरकार की सफाई, प्री-इंस्टॉल अनिवार्य नहीं, इस्तेमाल पूरी तरह स्वैच्छिक

By Aditi Pandey

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Government clarifies Sanchar Saathi app
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सोशल संवाद/डेस्क: Sanchar Saathi App को लेकर देशभर में चल रही चर्चाओं और भ्रम के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप का प्री-इंस्टॉलेशन अनिवार्य नहीं है। संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने मंगलवार को कहा कि यह एप पूरी तरह स्वैच्छिक है और लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत काम करता है। यूजर अपनी इच्छा से इसे डाउनलोड, एक्टिव या डिलीट कर सकते हैं।

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दरअसल, संचार मंत्रालय ने हाल ही में मोबाइल कंपनियों को हैंडसेट बिक्री से पहले एप प्री-इंस्टॉल करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर निगरानी और जासूसी के आरोप लगाए थे। इस पर सफाई देते हुए सिंधिया ने कहा कि एप के जरिए किसी प्रकार की कॉल मॉनिटरिंग या जासूसी नहीं होती। यूजर अगर एप को रजिस्टर नहीं करता है तो वह खुद-ब-खुद इनएक्टिव रहता है।

सरकार के मुताबिक यह एप देश में बढ़ रही साइबर ठगी, फर्जी IMEI नंबर और चोरी हुए मोबाइल फोन की समस्या से निपटने के लिए बनाया गया है। संचार साथी के जरिए अब तक 26 लाख से ज्यादा मोबाइल फोन ट्रेस किए जा चुके हैं, जिनमें से 7.23 लाख मोबाइल उनके असली मालिकों तक वापस पहुंचाए गए हैं। इसके साथ ही 2.25 करोड़ संदिग्ध और फर्जी मोबाइल कनेक्शन को डी-एक्टिवेट किया गया है।

संचार मंत्री ने बताया कि अब तक करीब 20 करोड़ लोग संचार साथी पोर्टल का इस्तेमाल कर चुके हैं और 1.5 करोड़ यूजर्स इस ऐप को डाउनलोड कर चुके हैं। इस प्लेटफॉर्म की मदद से 2024 में करीब 22,800 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी को रोकने में सफलता मिली है।

संचार साथी ऐप पर चोरी हुए फोन की शिकायत, फोन ब्लॉक कराने, अपने नाम पर जारी सिम कार्ड की जानकारी लेने और फर्जी सिम को बंद कराने की सुविधा मिलती है। इसके अलावा हैंडसेट की सत्यता जांचने का विकल्प भी मौजूद है, जिसके जरिए लाखों फर्जी मोबाइल फोन ब्लॉक किए जा चुके हैं।

इस बीच, मोबाइल निर्माता कंपनी एपल ने मौजूदा आदेश पर अपनी असहमति जताई है और सरकार के साथ बातचीत के जरिए कोई बीच का रास्ता निकालने की बात कही है। संचार राज्यमंत्री ने बताया कि इस मामले पर बनी वर्किंग ग्रुप की बैठक में एपल शामिल नहीं हुआ।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि सरकार को एप की डाटा नीति और यूजर प्राइवेसी को लेकर और अधिक स्पष्टता लानी चाहिए, ताकि लोगों का भरोसा और मजबूत हो सके।

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