सोशल संवाद / डेस्क : आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, टीवी और टैबलेट बच्चों की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन हाल ही में आई एक नई स्टडी में यह सामने आया है कि ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों के दिल (हार्ट) की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। \
यह भी पढे : कर्नाटक की नई डिजिटल पॉलिसी: 16 से कम उम्र के लिए सोशल मीडिया बैन, स्क्रीन टाइम सीमित

क्या कहती है स्टडी?
विशेषज्ञों के अनुसार, जो बच्चे रोजाना कई घंटे स्क्रीन के सामने बिताते हैं, उनमें:
- शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है
- मोटापे का खतरा बढ़ता है
- ब्लड प्रेशर और हार्ट से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं
लंबे समय तक बैठे रहने की आदत दिल की सेहत को कमजोर करती है।
कैसे बढ़ता है खतरा?
डॉक्टर्स का कहना है कि स्क्रीन टाइम बढ़ने से बच्चे:
- बाहर खेलने से दूर हो जाते हैं
- नींद पूरी नहीं ले पाते
- जंक फूड ज्यादा खाने लगते हैं
इन सभी कारणों का सीधा असर हार्ट हेल्थ पर पड़ता है।
कितना स्क्रीन टाइम है सुरक्षित?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक:
- छोटे बच्चों के लिए 1 घंटे से कम स्क्रीन टाइम बेहतर
- बड़े बच्चों के लिए भी सीमित और कंट्रोल्ड स्क्रीन टाइम जरूरी
पेरेंट्स क्या करें?
- बच्चों को आउटडोर गेम्स के लिए प्रोत्साहित करें
- स्क्रीन टाइम के लिए समय तय करें
- सोने से पहले मोबाइल/टीवी से दूर रखें
- हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करें
यह स्टडी साफ संकेत देती है कि जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम बच्चों के दिल के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, ताकि बच्चों की सेहत बेहतर बनी रहे।









