सोशल संवाद / डेस्क : गर्मियों में बढ़ती गर्मी बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। खासकर हीटवेव के दौरान हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों का शरीर बड़ों की तुलना में गर्मी को कम सह पाता है, जिससे वे जल्दी डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का शिकार हो सकते हैं।

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बच्चों में हीट स्ट्रोक क्यों होता है?
- शरीर का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाना
- लंबे समय तक धूप या गर्म वातावरण में रहना
- पर्याप्त पानी न पीना (डिहाइड्रेशन)
- ज्यादा शारीरिक गतिविधि
बच्चों में शरीर का तापमान 40°C (104°F) से ऊपर पहुंच जाए तो यह गंभीर स्थिति बन सकती है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण (Symptoms)
बच्चों में ये संकेत दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं:
- तेज बुखार या शरीर का बहुत गर्म होना
- चक्कर आना, सिरदर्द
- कमजोरी या थकान
- उल्टी या मतली
- चिड़चिड़ापन या भ्रम
- त्वचा लाल और सूखी होना
अगर समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी हो सकता है।
बच्चों को हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं?
ये सावधानियां बेहद जरूरी
- बच्चों को सीधी धूप से दूर रखें
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न जाने दें
- हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाएं
- बार-बार पानी और तरल पदार्थ पिलाएं
- खेलने का समय सुबह या शाम रखें
- घर में ठंडी और हवादार जगह रखें
बच्चों को ठंडे स्थान पर रखना और हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी है।
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
अगर बच्चे में ये गंभीर लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- बेहोशी या अत्यधिक कमजोरी
- तेज बुखार के साथ पसीना बंद होना
- सांस लेने में दिक्कत
- बार-बार उल्टी
भीषण गर्मी में बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही भी हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या पैदा कर सकती है। इसलिए सही जानकारी और सावधानी अपनाकर ही बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है।









