---Advertisement---

हाईकोर्ट का सख्त आदेश: हनी सिंह-बादशाह का विवादित गाना ‘माफिया मुंडीर’ (वॉल्यूम 1) हटेगा, अश्लीलता पर कड़ा रुख

By Muskan Thakur

Published :

Follow

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क : नई दिल्ली से एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है, जहां दिल्ली हाईकोर्ट ने संगीत जगत से जुड़े एक पुराने विवाद पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने मशहूर रैपर्स हनी सिंह और बादशाह के चर्चित लेकिन विवादित गाने ‘माफिया मुंडीर’ (वॉल्यूम 1) को लेकर बड़ा आदेश दिया है।

ये भी पढे : रणबीर कपूर की ‘रामायण’ का फर्स्ट लुक रिलीज, ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर धमाल

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस गाने को यूट्यूब, स्पॉटिफाई समेत सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाए। यह फैसला गाने के कंटेंट और उसके शब्दों को लेकर लंबे समय से उठ रहे विवादों के बीच आया है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने गाने के बोलों पर कड़ी आपत्ति जताई। न्यायालय ने कहा कि यह गाना बेहद अश्लील, अभद्र और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। जज ने अपने आदेश में साफ शब्दों में कहा कि इस तरह का कंटेंट किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

अदालत की टिप्पणी बेहद सख्त रही। जज ने कहा कि इस गाने ने “कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोर दिया है”, जो इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है। यह टिप्पणी बताती है कि न्यायपालिका अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद कंटेंट को लेकर भी संवेदनशील और सख्त रुख अपना रही है।

यह गाना 2000 के दशक में रिलीज हुआ था और उस समय से ही इसके बोलों को लेकर विवाद होता रहा है। हालांकि, समय के साथ यह मामला ठंडा पड़ गया था, लेकिन अब कोर्ट के इस फैसले ने इसे फिर से चर्चा में ला दिया है।

मामले के दौरान यह भी सामने आया कि दोनों कलाकारों ने इस गाने से दूरी बनाने की कोशिश की है और इसे गाने से इनकार किया है। बावजूद इसके, एक कॉन्सर्ट में इसके बोल पेश किए जाने की बात सामने आई, जिस पर अदालत ने गंभीर चिंता जताई।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ एक गाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा संदेश है। अब कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स को अपने काम में जिम्मेदारी और सामाजिक संवेदनशीलता का विशेष ध्यान रखना होगा।

इस फैसले को नए कलाकारों के लिए भी एक सीख के रूप में देखा जा रहा है कि लोकप्रियता के लिए किसी भी तरह का आपत्तिजनक या अभद्र कंटेंट स्वीकार्य नहीं है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स इस आदेश का कितनी जल्दी पालन करते हैं और क्या भविष्य में ऐसे अन्य विवादित गानों पर भी इसी तरह की कार्रवाई देखने को मिलेगी। कुल मिलाकर, दिल्ली हाईकोर्ट का यह कदम डिजिटल युग में कंटेंट की मर्यादा और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---