सोशल संवाद/बड़बिल(रिपोर्ट-संजय सिन्हा): हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी ट्रेन के बड़बिल स्टेशन आगमन रद्द होने के बावजूद यात्रियों को टिकट का पैसा वापस नहीं मिल रहा है। रेल विभाग की ढीली व्यवस्था और सुस्त प्रणाली के कारण यात्री काफी परेशान हैं और अपना नुकसान बताते हुए नाराजगी जता रहे हैं।
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रंजन साहू नामक यात्री ने बताया कि उन्होंने 10 दिसंबर 2025 को बड़ा जामदा रेलवे स्टेशन से हावड़ा के लिए द्वितीय श्रेणी की टिकट आरक्षित की थी। लेकिन उस दिन ट्रेन अत्यधिक लेट होने के कारण बड़बिल स्टेशन नहीं आई और सीधे टाटानगर से हावड़ा के लिए रवाना हो गई। जब उन्हें ट्रेन रद्द होने की सूचना मिली, तो वह बड़ा जामदा रेलवे स्टेशन पहुंचे, लेकिन आरक्षण काउंटर बंद था। पूछताछ करने पर पता चला कि काउंटर दिन में 2 बजे के बाद बंद हो जाता है।

काफी भागदौड़ और प्रयासों के बाद रेलकर्मियों ने टिकट रद्द करने की कोशिश की, लेकिन रिफंड राशि शून्य दिखाकर कंप्यूटर पर्ची जारी की गई। भुक्तभोगी यात्री इसे रेल विभाग की लापरवाही और ठगी मान रहे हैं। उनका कहना है कि रेलवे विभाग द्वारा यात्रियों के साथ यह व्यवहार बिल्कुल अस्वीकार्य है।

इस घटना के बाद रंजन साहू और अन्य प्रभावित यात्री उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करने का मन बना रहे हैं, ताकि उन्हें उनका हक मिल सके और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। यात्रियों का कहना है कि रेलवे को टिकट रद्द और रिफंड प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है, ताकि आम जनता को परेशान न होना पड़े।










