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हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी 7 दिन से बंद, यात्रियों का फूटा गुस्सा, जनप्रतिनिधियों पर सवाल

By Aditi Pandey

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Howrah-Barbil Jan Shatabdi closed for 7 days

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सोशल संवाद/डेस्क: Howrah–Barbil Jan Shatabdi Express के लगातार 7 दिनों से बड़बिल नहीं पहुंचने के कारण पूरे क्षेत्र में यात्रियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। ओडिशा के लौहांचल क्षेत्र जोड़़ा, बड़बिल, बोलानी और गुवाली जैसे इलाकों के लिए यह ट्रेन किसी लाइफलाइन से कम नहीं मानी जाती। लेकिन पिछले तीन वर्षों से यह ट्रेन अक्सर घंटों लेट चल रही थी और अब हालात और भी बिगड़ गए हैं, जब यह लगातार कई दिनों से अपने अंतिम स्टेशन तक पहुंच ही नहीं पा रही है।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले कभी-कभी सप्ताह में एक या दो दिन यह ट्रेन बड़बिल नहीं आती थी, लेकिन अब लगातार सात दिनों तक सेवा बाधित रहना यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। जिन यात्रियों ने बड़बिल तक का टिकट लिया होता है, उन्हें बीच रास्ते जैसे बड़ाजामदा, नोवामुंडी या टाटानगर पर उतरना पड़ रहा है। इसके बाद वे मजबूरी में निजी वाहनों या अन्य साधनों का सहारा लेते हैं, जिस पर हजारों रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि समय और सुविधा दोनों पर असर पड़ रहा है।

यात्रियों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस ट्रेन की अनियमितता से रोजाना यात्रा करने वाले लोग, छात्र और कामकाजी वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। यह ट्रेन कोलकाता से इस औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने वाली एक अहम कड़ी है, ऐसे में इसकी सेवा बाधित होने से पूरे इलाके की आवाजाही पर असर पड़ रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि रेलवे प्रशासन की ओर से अब तक इस समस्या पर कोई स्पष्ट जानकारी या स्थायी समाधान सामने नहीं आया है।

इस मुद्दे पर अब क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों सांसद और विधायक की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि जब इतनी बड़ी संख्या में यात्री परेशान हैं, तो उनके प्रतिनिधि इस मुद्दे को क्यों नहीं उठा रहे। जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही है और लोग जल्द से जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं और यात्रियों को राहत दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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