सोशल संवाद / डेस्क : देश के तीन प्रमुख भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान—IIT Kanpur, IIT Kharagpur और IIT Madras—अब मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, इन संस्थानों का उद्देश्य सिर्फ ज्यादा डॉक्टर तैयार करना नहीं है। इनका फोकस ऐसे विशेषज्ञ तैयार करने पर है, जो मेडिसिन के साथ इंजीनियरिंग और मेडिकल टेक्नोलॉजी को भी समझते हों। इन्हें ‘Physician-Engineers’ के रूप में विकसित करने की योजना है।
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IIT Kanpur में मेडिकल स्कूल की तैयारी
IIT Kanpur का Gangwal School of Medical Sciences and Technology मेडिकल शिक्षा के विस्तार की दिशा में काम कर रहा है। संस्थान पहले MD, DM और MCh जैसे उच्च एवं सुपर-स्पेशियलिटी मेडिकल प्रोग्राम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। MBBS कार्यक्रम इसके बाद शुरू किए जाने की योजना में है।
IIT Kanpur में 500 बेड का Yadupati Singhania Super-speciality Hospital भी तैयार किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अस्पताल का उद्घाटन 2026 के अंत तक और मरीजों के लिए सेवा शुरू होने की उम्मीद मार्च 2027 तक बताई गई है। इसके साथ 50 बेड का Cancer Care and Research Centre भी प्रस्तावित है।
IIT Kharagpur पहले से कर रहा है काम
IIT Kharagpur का School of Medical Science and Technology वर्ष 2001 से मेडिकल और इंजीनियरिंग के बीच तालमेल पर काम कर रहा है। संस्थान का MMST प्रोग्राम डॉक्टरों को इंजीनियरिंग और फिजिकल साइंस से जुड़ी शिक्षा देने के लिए तैयार किया गया था।
संस्थान ने मेडिकल रिसर्च और शिक्षा के लिए अस्पताल का निर्माण भी किया है और पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
IIT Madras में MBBS, MD और PhD की योजना
IIT Madras के डायरेक्टर प्रोफेसर वी. कामकोटि के मुताबिक, संस्थान नया School of Medical Sciences शुरू करने की तैयारी में है। यहां MBBS, MD और PhD जैसे प्रोग्राम शुरू करने की योजना बताई गई है।
IIT Madras का मॉडल मेडिकल शिक्षा को तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन के साथ जोड़ने पर केंद्रित है।
क्या है Physician-Engineer का कॉन्सेप्ट?
आज मेडिकल क्षेत्र में AI, मेडिकल इमेजिंग, रोबोटिक्स, बायोसेंसर, वियरेबल डिवाइस और एडवांस डायग्नोस्टिक सिस्टम का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में IIT संस्थान ऐसे प्रोफेशनल तैयार करने पर जोर दे रहे हैं, जो मरीज की मेडिकल जरूरतों को समझने के साथ-साथ उन तकनीकों को विकसित करने की प्रक्रिया भी समझ सकें।
IIT Kharagpur के निदेशक प्रोफेसर सुमन चक्रवर्ती के अनुसार, डॉक्टर और इंजीनियर के बीच पारंपरिक दूरी कम करने की जरूरत है, क्योंकि आधुनिक चिकित्सा में टेक्नोलॉजी अब केवल बाहरी सहायता नहीं रह गई है।
IIT Kanpur में बन रही मेडिकल टेक्नोलॉजी
IIT Kanpur में मेडिकल टेक्नोलॉजी से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर भी काम चल रहा है। इनमें स्वदेशी LVAD (Left Ventricular Assist Device) और ग्रामीण क्षेत्रों में निमोनिया की पहचान के लिए पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड जैसी तकनीकें शामिल हैं।
NMC के नियमों के तहत होगी मेडिकल शिक्षा
IIT संस्थानों में मेडिकल शिक्षा शुरू करने के लिए National Medical Commission (NMC) के नियमों का पालन जरूरी होगा। IIT Kharagpur के निदेशक के मुताबिक, मेडिकल शिक्षा के मूल मानकों को कमजोर या नजरअंदाज किए बिना IIT का टेक्नोलॉजी और रिसर्च इकोसिस्टम इसमें जोड़ा जाना चाहिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, तीनों संस्थानों ने अभी डॉक्टरों की पहली बैच तैयार नहीं की है और इनके मेडिकल स्कूल अभी निर्माण एवं विकास के चरण में हैं।











