सोशल संवाद / डेस्क : वैक्सीन का इस्तेमाल शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए किया जाता है। ये वायरस और बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों से असरदार सुरक्षा देती हैं। वैक्सीन न सिर्फ संक्रमण को रोकती हैं, बल्कि बीमारी की गंभीरता को भी कम करती हैं और शरीर को एंटीबॉडी बनाने में मदद करती हैं।

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साल 2025 भारत के लिए वैक्सीन रिसर्च और इनोवेशन के लिहाज से बेहद खास रहा है। इस वर्ष भारत ने इंसानों और पशुओं दोनों के लिए कई नई और स्वदेशी वैक्सीन लॉन्च की हैं। आइए जानते हैं 2025 में भारत की प्रमुख नई वैक्सीन के बारे में विस्तार से :
1. बायोलंपीवैक्सिन: पशुओं को लंपी स्किन डिजीज से सुरक्षा
भारत बायोटेक इंटरनेशनल की सहायक कंपनी बायोवेट ने दुधारू पशुओं में फैलने वाली लंपी स्किन डिजीज (LSD) की रोकथाम के लिए ‘बायोलंपीवैक्सिन’ विकसित की है।
यह वैक्सीन CDSCO (Central Drugs Standard Control Organisation) से मंजूरी प्राप्त कर चुकी है और यह भारत की अपनी तरह की पहली वैक्सीन है।
बायोलंपीवैक्सिन की खासियत
- DIVA टेक्नोलॉजी पर आधारित
- संक्रमित और वैक्सीनेटेड पशुओं में अंतर संभव
- LSD की गंभीरता कम करती है
- दूध उत्पादन बढ़ाने में मददगार
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा फायदा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू ने विजयवाड़ा में आयोजित पशुपालन सम्मेलन में इस वैक्सीन को लॉन्च करते हुए इसे किसानों के लिए बेहद लाभकारी बताया।
2. वैक्सीफ्लू-4: मौसमी इन्फ्लूएंजा से सुरक्षा
मौसमी इन्फ्लूएंजा (फ्लू) दुनियाभर में स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। इसे ध्यान में रखते हुए अहमदाबाद स्थित जाइडस लाइफसाइंसेज ने ‘वैक्सीफ्लू-4’ नाम की नई क्वाड्रीवैलेंट वैक्सीन विकसित की है।
वैक्सीफ्लू-4 की विशेषताएं
WHO की सिफारिशों के अनुसार विकसित
- इन्फ्लूएंजा A और B के चार नए स्ट्रेन से सुरक्षा
- फ्लू के बढ़ते मामलों को रोकने में कारगर
यह वैक्सीन बदलते वायरस स्ट्रेन से बचाव के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है।
3. हिचोल वैक्सीन: हैजा से बचाव की नई उम्मीद
भारत बायोटेक द्वारा विकसित ‘हिचोल’ वैक्सीन ने हैजा (Cholera) के खिलाफ फेज-3 क्लिनिकल ट्रायल सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं।
हिचोल वैक्सीन की खास बातें
- ओगावा और इनाबा सेरोटाइप पर असरदार
- बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए सुरक्षित
- मुंह से ली जाने वाली ओरल वैक्सीन
- इम्यूनिटी बढ़ाने में प्रभावी
वैज्ञानिकों के अनुसार, ट्रायल के दौरान किसी भी गंभीर साइड इफेक्ट की पुष्टि नहीं हुई है।
4. टीबी से लड़ने के लिए नेक्स्ट-जेनरेशन वैक्सीन
भारत में टीबी उन्मूलन के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए IIT भुवनेश्वर और इंस्टीट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज (ILS) के वैज्ञानिकों ने ‘HSP 16.3DC4’ नाम की नई टीबी वैक्सीन विकसित की है।
नई टीबी वैक्सीन क्यों खास है?
- मौजूदा BCG वैक्सीन की सीमाओं को करेगी दूर
- वयस्कों में पल्मोनरी टीबी पर अधिक प्रभावी
- शुरुआती परीक्षणों में मजबूत इम्यूनिटी का संकेत
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह वैक्सीन 2030 तक टीबी उन्मूलन के संयुक्त राष्ट्र लक्ष्य (SDG) को हासिल करने में मददगार साबित हो सकती है।
निष्कर्ष
साल 2025 में भारत द्वारा विकसित और लॉन्च की गई ये नई वैक्सीन न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेंगी, बल्कि किसानों, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र को भी बड़ा लाभ देंगी। स्वदेशी वैक्सीन इनोवेशन के दम पर भारत वैश्विक स्तर पर एक बार फिर मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
FAQ: 2025 में भारत की नई वैक्सीन से जुड़े सवाल-जवाब
Q1. वैक्सीन क्या होती है और यह क्यों जरूरी है?
वैक्सीन शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है। यह वायरस और बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों से बचाव करती है और शरीर में एंटीबॉडी बनाने में मदद करती है।
Q2. 2025 में भारत ने कौन-कौन सी नई वैक्सीन लॉन्च की हैं?
2025 में भारत ने बायोलंपीवैक्सिन, वैक्सीफ्लू-4 (इन्फ्लूएंजा), हिचोल (हैजा) और HSP 16.3DC4 (टीबी) जैसी नई वैक्सीन विकसित और लॉन्च की हैं।
Q3. बायोलंपीवैक्सिन किस बीमारी से बचाव करती है?
बायोलंपीवैक्सिन दुधारू पशुओं में होने वाली लंपी स्किन डिजीज (LSD) से बचाव करती है।
Q4. बायोलंपीवैक्सिन किसानों के लिए कैसे फायदेमंद है?
यह वैक्सीन पशुओं की बीमारी की गंभीरता कम करती है, दूध उत्पादन बढ़ाती है और इससे किसानों की आमदनी में इजाफा होता है।
Q5. वैक्सीफ्लू-4 वैक्सीन क्या है?
वैक्सीफ्लू-4 एक क्वाड्रीवैलेंट इन्फ्लूएंजा वैक्सीन है, जो इन्फ्लूएंजा A और B के चार नए स्ट्रेन से सुरक्षा देती है।
Q6. हिचोल वैक्सीन किस बीमारी के लिए है?
हिचोल वैक्सीन हैजा (Cholera) से बचाव के लिए विकसित की गई है।
Q7. हिचोल वैक्सीन की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
यह एक ओरल वैक्सीन है, जिसे मुंह से लिया जाता है और यह बच्चों व वयस्कों दोनों के लिए सुरक्षित पाई गई है।
Q8. टीबी के लिए नई वैक्सीन क्यों जरूरी थी?
मौजूदा BCG वैक्सीन वयस्कों में पल्मोनरी टीबी को पूरी तरह रोकने में सक्षम नहीं है। इस कमी को दूर करने के लिए नई नेक्स्ट-जेनरेशन वैक्सीन विकसित की गई है।
Q9. HSP 16.3DC4 टीबी वैक्सीन कितनी प्रभावी है?
शुरुआती परीक्षणों में यह वैक्सीन मजबूत इम्यूनिटी देने में प्रभावी पाई गई है। अभी इस पर आगे के क्लिनिकल ट्रायल चलने की उम्मीद है।
Q10. क्या ये वैक्सीन सुरक्षित हैं?
हां, सभी वैक्सीन को वैज्ञानिक परीक्षण और संबंधित नियामक संस्थाओं की मंजूरी के बाद ही लॉन्च किया गया है।
Q11. क्या ये वैक्सीन ‘मेक इन इंडिया’ के तहत विकसित हुई हैं?
जी हां, ये सभी वैक्सीन स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई हैं और भारत की वैक्सीन रिसर्च क्षमता को दर्शाती हैं।
Q12. इन वैक्सीन से भारत को क्या लाभ होगा?
इन वैक्सीन से सार्वजनिक स्वास्थ्य मजबूत होगा, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और भारत वैश्विक स्तर पर वैक्सीन हब के रूप में उभरेगा।










