---Advertisement---

भारतीय पासपोर्ट की बढ़ी ताकत, हेनले इंडेक्स 2026 में भारत 75वें स्थान पर पहुँचा

By Muskan Thakur

Published :

Follow

Join WhatsApp

Join Now

सोशल संवाद/डेस्क : दुनिया घूमने का सपना देखने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक सकारात्मक खबर सामने आई है। वर्ष 2026 की नई वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग में भारत ने अपनी स्थिति में सुधार करते हुए पांच पायदान की छलांग लगाई है। पहले जहां भारत 80वें स्थान पर था, वहीं अब यह 75वें नंबर पर पहुँच गया है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि भारतीय पासपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्यता और मजबूती धीरे-धीरे बढ़ रही है।

ये भी पढे : देहरादून में दिनदहाड़े फायरिंग: जिम से लौट रहे जमशेदपुर निवासी विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या

क्या है पासपोर्ट रैंकिंग और कैसे तय होती है

वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग विभिन्न देशों के नागरिकों को मिलने वाली यात्रा सुविधाओं के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें देखा जाता है कि किसी देश का पासपोर्ट धारक कितने देशों में बिना वीजा या वीजा-ऑन-अराइवल के साथ प्रवेश कर सकता है। रैंकिंग में ऊपर जाना यह दर्शाता है कि उस देश के नागरिकों को अधिक देशों में यात्रा करना पहले की तुलना में आसान हो गया है।

भारतीय यात्रियों के लिए क्या बदलेगा

रैंकिंग में सुधार का सीधा फायदा भारतीय यात्रियों को मिलेगा। अधिक देशों में आसान प्रवेश मिलने से पर्यटन, शिक्षा और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए भी नए रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि अभी भी भारत कई विकसित देशों से पीछे है, लेकिन लगातार सुधार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पिछले वर्षों में कैसा रहा प्रदर्शन

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय पासपोर्ट की स्थिति में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति, वैश्विक संबंधों में मजबूती और विदेश नीति की सक्रियता इसका प्रमुख कारण है। हालांकि, अभी भी भारत की सर्वश्रेष्ठ ऐतिहासिक रैंकिंग से यह थोड़ा पीछे है, लेकिन मौजूदा सुधार भविष्य के लिए उम्मीद जगाता है।

दुनिया के सबसे मजबूत पासपोर्ट कौन से

2026 की रैंकिंग में कई एशियाई और यूरोपीय देश शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं। इन देशों के नागरिकों को 180 से अधिक देशों में बिना वीजा या आसान वीजा सुविधा मिलती है। वहीं अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों की स्थिति में कुछ गिरावट देखने को मिली है, जिससे वैश्विक पासपोर्ट शक्ति के बदलते समीकरणों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

भारत के लिए आगे की चुनौतियां

हालांकि भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी है, लेकिन अभी भी कई देशों के मुकाबले वीजा फ्री पहुंच के मामले में भारत को लंबा सफर तय करना है। अंतरराष्ट्रीय समझौतों को मजबूत करना, वैश्विक सहयोग बढ़ाना और आर्थिक विकास को गति देना आगे की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण होगा।

YouTube Join Now
Facebook Join Now
Social Samvad MagazineJoin Now
---Advertisement---