सोशल संवाद/डेस्क : आंध्र प्रदेश देश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि राजधानी अमरावती में भारत का पहला समर्पित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना वैश्विक टेक कंपनी NVIDIA के सहयोग से शुरू की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती डिजिटल तकनीकों का प्रमुख केंद्र बनाया जाए।
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इस संबंध में जानकारी देते हुए एपी आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के सचिव कटमनेनी भास्कर ने बताया कि विश्वविद्यालय 19 फरवरी 2026 से अपना शैक्षणिक संचालन शुरू कर देगा। यह घोषणा विशाखापत्तनम स्थित GITAM Deemed to be University में आयोजित ‘टेकभारत AI फॉर पब्लिक गुड’ शिखर सम्मेलन के दौरान की गई। कार्यक्रम में छात्रों को छात्रवृत्तियां भी वितरित की गईं और एआई आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
प्रस्तावित AI विश्वविद्यालय में मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा और AI रिसर्च जैसे अत्याधुनिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे न केवल राज्य के छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा मिलेगी, बल्कि उद्योग और अनुसंधान के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी। इससे स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
इसके साथ ही राज्य सरकार प्रशासनिक सुधारों की दिशा में भी AI का उपयोग बढ़ा रही है। रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (RTGS) के माध्यम से प्रत्येक लोक सेवक के लिए ‘एजेंट स्पेस’ नामक AI आधारित कार्यक्षेत्र उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य शासन प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्पादक बनाना है। अधिकारियों के अनुसार एआई एजेंट्स के जरिए सेवा वितरण की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि अमरावती में AI विश्वविद्यालय की स्थापना से आंध्र प्रदेश तकनीकी नवाचार का प्रमुख केंद्र बन सकता है। यह पहल भारत को वैश्विक AI प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने में भी सहायक साबित होगी। आने वाले वर्षों में यह संस्थान अनुसंधान, स्टार्टअप और औद्योगिक सहयोग का बड़ा मंच बन सकता है।










