सोशल संवाद/जमशेदपुर : वर्षों से बंद पड़ी इंकैब इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अच्छे दिन लौटने वाले हैं। लौहनगरी के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। कंपनी की 177 एकड़ जमीन पर अब बिजली उपकरण निर्माण से जुड़ा देश का सबसे बड़ा पावर हब विकसित किया जाएगा। यह परियोजना वेदांता लिमिटेड और वैश्विक दिग्गज कंपनी एबीबी के संयुक्त सहयोग से स्थापित होगी।
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ताजा जानकारी के अनुसार, वेदांता ने इंकैब इंडस्ट्रीज के पुनरुद्धार के लिए अपना मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। इस योजना के तहत जमशेदपुर में अत्याधुनिक तकनीक से लैस उत्पादन इकाई स्थापित की जाएगी।
पावर इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी मजबूती यहां अब केवल केबल ही नहीं, बल्कि उच्च क्षमता वाले ट्रांसफार्मर और आधुनिक स्विचगियर का भी निर्माण होगा। इस प्लांट में एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज (EHV) केबल, 5जी नेटवर्क और राष्ट्रीय ग्रिड कनेक्टिविटी से जुड़े उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
तकनीकी सहयोग के लिए एबीबी को पार्टनर बनाया गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। वहीं, उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले एल्युमिनियम रॉड्स की आपूर्ति वेदांता करेगी। रोजगार के खुलेंगे नए अवसर प्लांट के आधुनिकीकरण के लिए जल्द ही सिविल और मैकेनिकल कार्यों के टेंडर जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही हजारों की संख्या में स्थानीय युवाओं, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए रोजगार के अवसर खुलने की उम्मीद है।
इससे शहर की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। साथ ही, आसपास के इलाकों में भी विकास का असर दिखेगा।
पूरी तरह ऑटोमेटेड होगा नया प्लांट वेदांता द्वारा इंकैब की पुरानी और जर्जर मशीनों को हटाकर पूरी तरह ऑटोमेटेड और अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। कंपनी का लक्ष्य है कि यहां बने उत्पाद देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी निर्यात किए जाएं।
इस निवेश के तहत जमशेदपुर और पुणे स्थित दोनों संयंत्रों का अधिग्रहण किया जाएगा। इंकैब के मजदूर नेता रामविनोद सिंह ने कहा कि कंपनी को दोबारा चालू करने की प्रक्रिया तेज हो चुकी है। 545 करोड़ रुपये का रिवाइवल प्लान इससे जमशेदपुर एक बार फिर वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराएगा। गौरतलब है कि वेदांता समूह ने इंकैब इंडस्ट्रीज के लिए 545 करोड़ रुपये का रिवाइवल प्लान पेश किया है, जिसमें पुनरुद्धार, पूंजीगत व्यय और कार्यशील पूंजी शामिल है। फैक्ट्री शुरू होने से शहर, कॉलोनीवासियों और पूर्व कर्मचारियों की स्थिति सुदृढ़ होगी। बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।










