सोशल संवाद / जमशेदपुर : टाटानगर- जम्मूतवी एक्सप्रेस में बुधवार को पेंट्रीकार तो लगी, लेकिन वेंडर के साथ खाना-नाश्ता एवं पानी बोतल नहीं चढ़ सका। इससे 2072 किमी की दूरी में 44 घंटे से अधिक समय तक सैकड़ों लोगों (महिला, पुरुष, बुजूर्ग एवं बच्चों) को पूरे रास्ते पेंट्रीकार से खाना, नाश्ता, बोतलबंद पानी एवं अन्य खाद्यय सामग्री नहीं मिल पाएगी। लाचारी में विभिन्न स्टेशन के दो – से ढाई हजार यात्रियों को ट्रेन में अवैध वेंडर से खानपान सामग्री लेनी होगी।
सूचना के अनुसार, दक्षिण पूर्व रेलवे जोन वाणिज्य विभाग और आईआरसीटीसी के बीच समन्वय नहीं होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जम्मूतवी की पेंट्रीकार एजेंसी को शिकायत के आधार पर बर्खास्त करने के साथ नई एजेंसी को पेंट्रीकार संचालन का जिम्मा सौंपा गया है। लेकिन रेलवे वाणिज्य और आईआरसीटीसी ने पेंट्रीकार वेंडर का पास बनवाने पर ध्यान नहीं दिया। इससे ट्रेन के समय मौजूद वेंडर सामान के साथ पेंट्रीकार पर नहीं चढ़ सके और ट्रेन समय से रवाना हो गई।
मालगाड़ी बिगड़ने से वंदे भारत समेत कई ट्रेनें लेट
मालगाड़ी बिगड़ने से बुधवार सुबह यात्री ट्रेनों का परिचालन एक घंटे से ज्यादा देर तक प्रभावित रहा। इससे सैकड़ों यात्रियों को परेशानी हुई। गम्हरिया और बिजराजपुर स्टेशन के बीच अप लाइन में मालगाड़ी रुकने से सुबह साढ़े चार बजे से पौने छह बजे तक टाटानगर से चक्रधरपुर और चांडिल की ओर जाने वाली यात्री ट्रेनें फंसी रहीं। इनमें टाटानगर-पटना वंदे भारत, टाटानगर-एर्नाकुलम, हावड़ा-अहमदाबाद, हावड़ा-जगदलपुर संबलेश्वरी एक्सप्रेस और आदित्यपुर-हटिया मेमू समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं।









