सोशल संवाद/जमशेदपुर : जमशेदपुर में डेंगू की रोकथाम के लिए टाटा स्टील UISL ने अपने अभियान को तेज कर दिया है। कंपनी की मैदानी टीमों ने इस सीजन में 4.18 लाख से अधिक घरों का निरीक्षण किया। इस दौरान मच्छरों के प्रजनन के 23,117 स्रोतों की पहचान कर उन्हें नष्ट किया गया।
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इनमें 12,342 प्रजनन स्थल घरों के अंदर मिले। इसे देखते हुए अधिकारियों ने लोगों से घरों के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और नियमित सफाई रखने की अपील की है।
#PaltiMaar3 अभियान से बढ़ी जागरूकता
डेंगू रोकथाम अभियान के तहत #PaltiMaar3 पहल शुरू की गई। इसके जरिए स्कूलों में बच्चों को मच्छरों के प्रजनन स्थल पहचानने और उन्हें खत्म करने के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के तहत 86 स्कूलों में नुक्कड़ नाटक और 27 स्कूलों में लार्वा प्रदर्शन आयोजित किए गए। वहीं, 85 शैक्षणिक संस्थानों में डेंगू को लेकर विशेष निगरानी रखी गई।
इसके अलावा विभिन्न सोसायटियों में 57 ढोल-नगाड़ों वाली जागरूकता रैलियां निकाली गईं। जमा पानी वाले कचरे को हटाने और लोगों को जागरूक करने के लिए दो विशेष वाहन भी लगातार अलग-अलग इलाकों में काम कर रहे हैं।
लार्वा मिलने पर 2,189 परिसरों की रिपोर्ट JNAC को
डेंगू की रोकथाम के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी कार्रवाई तेज की गई है। मच्छरों के लार्वा मिलने पर 2,189 परिसरों की रिपोर्ट जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) को भेजी गई।
इसके अलावा 1,677 मकान मालिकों को व्यक्तिगत नोटिस जारी कर परिसर को साफ रखने और पानी जमा नहीं होने देने का निर्देश दिया गया है।
जिले में डेंगू के अब तक 6 मामले
टाटा स्टील UISL के अनुसार, पूरे जिले में अब तक डेंगू के 6 मामले सामने आए हैं। इनमें से सिर्फ 2 स्थानीय मामले टाटा स्टील UISL के सेवा क्षेत्र में दर्ज हुए हैं।
अधिकारियों ने लोगों से अपने घर और आसपास के इलाकों में नियमित रूप से पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच करने की अपील की है। उनका कहना है कि डेंगू की रोकथाम की शुरुआत घर से होती है और सामूहिक भागीदारी से ही मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।









