सोशल संवाद / डेस्क: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 25 अगस्त को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में 53 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पुलिस व्यवस्था, सड़क और कानून से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

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कैबिनेट के फैसलों में जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज को बड़ा फायदा मिला है। कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने, नए पीजी विषय शुरू करने और पीजी सीटों में बढ़ोतरी के लिए करीब 393.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई है। वहीं धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज में भी एमबीबीएस और पीजी सीटों के विस्तार के लिए करीब 495.03 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
स्कूली शिक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला हुआ है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं को हर महीने 10 सैनिटरी नैपकिन मुफ्त देने की योजना को मंजूरी मिली है। इसके लिए करीब 124.38 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही राज्य में 100 नए स्कूलों को मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर विकसित करने के लिए 721.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
जमशेदपुर के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। मोहरदा-बिरसानगर-बागुनहातु जलापूर्ति योजना के फेज-3 के विस्तार के लिए करीब 67.36 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य के 606 पुलिस थानों में करीब 9,600 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 90 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा रांची, दुमका, जमशेदपुर और हजारीबाग की केंद्रीय जेलों में ओपन और सेमी-ओपन बैरक बनाने का भी फैसला हुआ है।
कैबिनेट ने एक बड़ा कानूनी फैसला लेते हुए कोर्ट फीस एक्ट, 1870 को झारखंड में निरस्त करने और झारखंड न्यायालय शुल्क विधेयक, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी है। इसके अलावा तोपचांची झील के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए भी पीपीपी मॉडल पर परियोजना को मंजूरी दी गई है।
कुल मिलाकर, 53 फैसलों वाली यह कैबिनेट बैठक स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पुलिस व्यवस्था और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।









