सोशल संवाद / डेस्क : झारखंड की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और परिणाम में हेरफेर से जुड़े मामले में मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी को बड़ा झटका लगा है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने बुधवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अभय तिवारी 22 जुलाई से न्यायिक हिरासत में है और उसने 29 जुलाई को जमानत के लिए याचिका दायर की थी।
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सीआईडी ने बताए गंभीर आरोप
सीआईडी ने अदालत में बताया कि अभय तिवारी, टीडीपीएल में मार्केटिंग मैनेजर रहते हुए परीक्षा घोटाले में मध्यस्थ और सुविधा प्रदाता की भूमिका निभा रहा था।
जांच के दौरान उस पर अभ्यर्थियों से 5 से 25 लाख रुपये तक वसूलने, 500 से अधिक ओएमआर शीट में हेरफेर करने और उत्तरपुस्तिकाएं बाहर ले जाकर लिखवाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इसके अलावा, आरोप है कि वह गारंटी के तौर पर अभ्यर्थियों के मूल प्रमाण पत्र और ब्लैंक चेक भी रखता था।
बैंक लेन-देन और संपर्कों के मिले सबूत
केस डायरी में टीडीपीएल कर्मियों, जेपीएससी से जुड़े लोगों और अभ्यर्थियों से उसके संपर्क के प्रमाण दर्ज हैं। सीआईडी के अनुसार, टीडीपीएल निदेशकों के रांची दौरे के दौरान होटल खर्च का भुगतान भी अभय के बैंक खाते से यूपीआई के जरिए किया गया था।
अदालत ने कहा कि उसके खिलाफ केवल पद के आधार पर नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में कथित हेरफेर के पर्याप्त प्रथमदृष्टया साक्ष्य मौजूद हैं, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती। इस मामले में उमेश कुमार की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई है।
रिश्वत केस में राजू साहू को भी नहीं मिली राहत
दूसरी ओर, एसीबी की विशेष अदालत ने होमगार्ड ड्यूटी लगाने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोपी राजू कुमार साहू की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए राहत देने से इनकार कर दिया। राजू साहू 22 मई से न्यायिक हिरासत में है।
रंगेहाथ गिरफ्तारी के बाद सख्त रुख
एसीबी के अनुसार, सिमडेगा में तैनात होमगार्ड श्रवण गोप की शिकायत पर कार्रवाई की गई थी। आरोप है कि राजू साहू ड्यूटी लगाने के बदले 7 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। 21 मई को एसीबी ने ट्रैप कर उसे 7 हजार रुपये लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
पहले भी खारिज हो चुकी है जमानत
अदालत ने माना कि मामले में प्रथमदृष्टया साक्ष्य मौजूद हैं और आरोप गंभीर हैं। इससे पहले जून में निचली अदालत और जुलाई में झारखंड हाई कोर्ट भी उसकी जमानत याचिका खारिज कर चुके हैं। ट्रायल शुरू नहीं होने के आधार पर भी इस बार अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया।










