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झारखंड में मौसम का डबल अटैक, पहले बढ़ेगी गर्मी फिर बारिश-वज्रपात से बढ़ेगा खतरा

By Aditi Pandey

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Jharkhand faces a double weather attack झारखंड

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सोशल संवाद/डेस्क: झारखंड में मौसम का मिजाज इन दिनों तेजी से बदल रहा है, जिसका असर सीधे तौर पर लोगों की सेहत और जनजीवन पर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र ने अगले एक सप्ताह के लिए पूर्वानुमान जारी करते हुए चेतावनी दी है कि पहले तापमान में तेजी आएगी और इसके बाद अचानक बारिश व वज्रपात की स्थिति बन सकती है।

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मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान में 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। 23 मार्च को सुबह हल्का से मध्यम कोहरा रहेगा, जबकि दिन में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 24 और 25 मार्च को तापमान क्रमशः 32 और 34 डिग्री तक पहुंच सकता है, जिससे दिन के समय गर्मी का असर बढ़ेगा।

हालांकि, 26 मार्च से मौसम फिर करवट लेगा। राज्य के दक्षिणी जिलों—पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला में मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। वहीं 27 और 28 मार्च के दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना जताई गई है, जिसे लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

राजधानी रांची में भी इस बदलाव का असर साफ दिखेगा। 27 और 28 मार्च को आंशिक बादल और गरज के साथ बारिश की संभावना है। फिलहाल यहां का तापमान सामान्य से काफी कम बना हुआ है। अधिकतम तापमान 25.7 डिग्री और न्यूनतम 13.1 डिग्री दर्ज किया गया है, जो सामान्य से काफी नीचे है। इसी तरह जमशेदपुर और बोकारो में भी तापमान सामान्य से 6 डिग्री तक कम रिकॉर्ड किया गया है।

मौसम में इस तेजी से बदलाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने लगा है। साहिबगंज के सदर अस्पताल में पिछले दो दिनों में करीब 15 मरीजों को भर्ती करना पड़ा है। सर्दी, खांसी, पेट दर्द और गैस जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम के बदलाव के दौरान खानपान और दिनचर्या में सावधानी बेहद जरूरी है।

कुछ मामलों में ईद के बाद खानपान में अचानक बदलाव भी बीमारियों की वजह बना है। डॉक्टरों ने संतुलित आहार लेने और ताजा भोजन करने की सलाह दी है।

वहीं लोहरदगा में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने जनजीवन को प्रभावित किया है। तैयार फसलें जैसे गेहूं और सरसों बर्बाद हो गई हैं, जबकि आम के पेड़ों में लगे मंजर भी गिर गए हैं। इस प्राकृतिक मार का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है, जिन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मौसम विभाग और विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। वज्रपात के दौरान खुले स्थान पर न जाएं, तेज हवा और बारिश में सुरक्षित स्थान पर रहें, बाहर का खाना खाने से बचें और ताजा भोजन के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखें।

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